सेवा तीर्थ उद्घाटन हाइलाइट्स: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शुक्रवार (13 फरवरी, 2026) को नए प्रधानमंत्री ऑफिस ‘सेवा तीर्थ’ और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट बिल्डिंग, कर्तव्य भवन 1 और 2 का उद्घाटन किया. PM ने साउथ ब्लॉक में यूनियन कैबिनेट की आखिरी मीटिंग भी की. इसी के साथ नॉर्थ और साउथ ब्लॉक खाली होते ही एक युग खत्म हो जाएगा. नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में शुरू में ब्रिटिश सरकार रहती थी और 1947 में आज़ाद भारत की सरकार ने इसे अपने कब्ज़े में ले लिया. इन्हें ‘लुटियन दिल्ली’ के आर्किटेक्ट एडविन लुटियंस के कंटेंपररी हर्बर्ट बेकर ने डिज़ाइन किया था. साउथ ब्लॉक में प्रधानमंत्री ऑफिस के साथ-साथ विदेश और रक्षा मंत्रालयों के ऑफिस भी था. नॉर्थ ब्लॉक में गृह और वित्त मंत्रालय था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज जब भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है, आज जब भारत अंतर्राष्ट्रीय संबंधों की नई गाथा लिख रहा है, आज जब भारत नए-नए ट्रेड समझौते कर संभावनाओं के नए दरवाज़े खुल रहे हैं, जब देश संतृप्ति के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है तो सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवनों में आप सबके काम की नई गति और आपका नया आत्मविश्वास देश के लक्ष्यों को प्राप्त करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा."
#WATCH | दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज जब भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है, आज जब भारत अंतर्राष्ट्रीय संबंधों की नई गाथा लिख रहा है, आज जब भारत नए-नए ट्रेड समझौते कर संभावनाओं के नए दरवाज़े खुल रहे हैं, जब देश संतृप्ति के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है तो सेवा… pic.twitter.com/BVD1JMXbUU
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 13, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "2014 में देश ने तय किया कि गुलामी की मानसिकता अब और नहीं चलेगी. हमने गुलामी की इस मानसिकता को बदलने का अभियान शुरू किया, हमने वीरों के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल बनाया. हमने पुलिस की वीरता को सम्मान देने के लिए पुलिस स्मारक बनाया. रेस कोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग रखा गया. यह सिर्फ नाम बदलना नहीं था, यह सत्ता के मिजाज़ को सेवा की भावना में बदलने का पवित्र प्रयास था."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "इस बदलाव के बीच निश्चित तौर पर पुराने भवन में बिताए गए वर्षों की स्मृतियां हमारे साथ रहेंगी. अलग-अलग समय पर वहां से कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए, वहां से देश को नई दिशा मिली है. वह परिसर, वह इमारत भारत के इतिहास का अमर हिस्सा है इसलिए हमने उस भवन को देश के लिए समर्पित म्यूजियम बनाने का फैसला किया है."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक जैसी इमारतें जहां ब्रिटिश हुकूमत की सोच को लागू करने के लिए बनी थी. वहीं, आज मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन जैसे नए परिसर भारत की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बने हैं. यहां से जो फैसले होंगे वह किसी महाराजा की सोच को नहीं 140 करोड़ देशवासियों की सोच को आगे बढ़ाने का आधार बनेंगे."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आजादी के बाद साउथ ब्लॉक, नॉर्थ ब्लॉक जैसी इमारतों से देश के लिए अनेक निर्णय, नीतियां बनी लेकिन यह भी सच है कि ये इमारतें ब्रिटिश साम्राज्य के प्रतीक के तौर पर बनाई गई थी. इन इमारतों को बनाने का मकसद भारत को गुलामी की जंजीरों में जकड़े रखना था."