Budget 2026 Highlights: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज यानी 1 फरवरी को संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश किया. इससे पहले केंद्रीय कैबिनेट ने बजट 2026-2027 को मंजूरी दी. वहीं आज सुबह केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश करने से पहले अपनी टीम के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की.
इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को उनके लगातार नौवें केंद्रीय बजट पेश करने से पहले पारंपरिक ‘दही-चीनी’ खिलाई. इसके बाद कैबिनेट की बैठक में पहुंचीं.
बता दें कि मोदी सरकार का यह 15वां बजट था. एनडीए सरकार के लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के बाद दूसरा पूर्ण बजट था. इसके साथ ही निर्मला सीतारमण देश की ऐसी पहली महिला वित्त मंत्री बन गई हैं, जिन्होंने लगातार नौवीं बार बजट पेश कीं.
बता दें कि संसद का बजट सत्र 28 जनवरी को शुरू हुआ था. इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया था. आर्थिक सर्वेक्षण में भारत की विकास दर 6.8 से 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "मैं फ्यूचर्स पर STT को मौजूदा 0.02% से बढ़ाकर 0.05% करने का प्रस्ताव करती हूं. ऑप्शंस प्रीमियम और ऑप्शंस के इस्तेमाल पर STT को मौजूदा दर 0.1% और 0.125% से बढ़ाकर 0.15% करने का प्रस्ताव है."
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "कुछ टेक्निकल गलतियों के लिए, जैसे अकाउंट्स का ऑडिट न करवाना, ट्रांसफर प्राइसिंग ऑडिट रिपोर्ट न देना, और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के लिए स्टेटमेंट देने में डिफ़ॉल्ट, इन्हें फीस में बदलने का प्रस्ताव है. मैं इनकम टैक्स एक्ट के तहत प्रॉसिक्यूशन फ्रेमवर्क को तर्कसंगत बनाने का प्रस्ताव करती हूं, साथ ही कुछ गंभीर अपराधों में रोक के लिए सावधानी से संतुलन बनाए रखूंगी."
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "मैं उन सभी नॉन-रेजिडेंट्स को मिनिमम अल्टरनेट टैक्स (MAT) से छूट देने का प्रस्ताव करती हूं जो अनुमानित आधार पर टैक्स देते हैं. टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन. मैं इनकम कंप्यूटेशन एंड डिस्क्लोजर स्टैंडर्ड्स (ICDS) की ज़रूरतों को इंडियन अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स (Ind-AS) में शामिल करने के लिए कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय और सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज की एक जॉइंट कमेटी बनाने का प्रस्ताव करती हूं."
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "छात्रों, युवा पेशेवरों, तकनीकी कर्मचारियों, स्थानांतरित विदेशी नागरिकों और अन्य जैसे छोटे जैसे छोटे टैक्सपेयर्स की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए, मैं इन टैक्सपेयर्स के लिए एक निश्चित सीमा से कम आय या संपत्ति का खुलासा करने हेतु एक बार की, छह महीने की विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना शुरू करने का प्रस्ताव करती हूं."
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "मैं छोटे टैक्सपेयर्स के लिए एक स्कीम का प्रस्ताव करती हूं, जिसमें एक नियम-आधारित ऑटोमेटेड प्रोसेस से असेसिंग ऑफिसर के पास एप्लीकेशन फाइल करने के बजाय कम या शून्य डिडक्शन सर्टिफिकेट मिल सकेगा... मैं मामूली फीस देकर रिटर्न रिवाइज करने के लिए उपलब्ध समय को 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च तक करने का भी प्रस्ताव करती हूं..."