What are the Benefits of Arjun Bark : पेड़-पौधे न सिर्फ प्रकृति को फायदा पहुंचाते हैं बल्कि यह इंसानों के लिए भी बहुत लाभदायक होते हैं। कई पेड़ पौधे इंसानों के लिए औषधि का काम करते हैं। इन पेड़-पौधों के विभिन्न अंगों का सेवन करने से शरीर से कई प्रकार की बीमारियां दूर भागती हैं। ऐसा ही एक पेड़ है अर्जुन। इस पेड़ पर लगने वाले फल और इसकी छाल के औषधीय गुण जान लेंगे तो आप हैरान हो जाएंगे। अर्जुन के पेड़ की छाल का काढ़ा बनाकर पीने से हार्ट हेल्दी रहता है। साथ ही यह इम्यूनिटी को भी मजबूत बनाता है। यह हड्डियों के लिए भी बहुत फायदेमंद है।
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हमारे आस पास कुछ ऐसी चीजे होती हैं, जिसका इस्तेमाल कई तरह की दवा में किया जाता है। ऐसे ही अर्जुन का पेड़ है। अर्जुन के पेड़ में कई तरह के गुण होते हैं, जिसकी वजह से इसे दवाइयों में डाला जाता है। अर्जुन के पेड़, फल, पत्तियों और जड़ों को कई बीमारियों को दूर करने के लिये प्रयोग करते हैं। अर्जुन की छाल के सेवन से कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है, इसलिये इसे आजमाने में हिचकिचाएं नहीं।
अर्जुन की छाल का बारीक पाउडर, ताजे हरे अडूसे के पत्तों के रस में मिलाकर इसे फिर से सुखा लें। ऐसा सात बार करें। इस चूर्ण में शहद मिलाकर खाने से खांसी में राहत मिलती है।
जिन लोगों का स्पर्म काउंट कम है उन्हें नियमित तौर पर अगर अर्जुन के छाल के पावडर का काढा पीना चाहिए। साथ ही यह यौन संबन्ध से पैदा होने वाली अनेको बीमारियां, जैसे गोनोरिया आदि को भी जड़ से मिटा देता है।
त्वचा की कई समस्याओं को खत्म करने में अर्जुन की छाल का असर प्रभावशाली होता है। अर्जुन वृक्ष की छाल, बदाम, हल्दी और कपूर की एक समान मात्रा को पीस कर उबटन की तरह चेहरे पर लगाने से चेहरे के सारे रिंकल्स चले जाते हैं और चेहरे में निखार आता है।
अगर किसी की हड्डी टूट जाए तो, ऐसे में 1 कप दूध में 1 चम्मच अर्जुन के छाल का पावडर मिला कर दिन में तीन बार पियें। इससे हड्डियों में ताकत आती है और जल्द ही हड्डी जुड़ जाती है। आप चाहें तो छाल के पावडर को घी के साथ मिक्स कर के जहां हड्डी टूटी हैं, वहां पर लगा कर बैंडेज बांध सकते हैं।
आज के समय में लोगों का बढ़ता वजन बहुत समस्या का कारण बन गया है। इसे रोकने के लिए भी अर्जुन की छाल को उपयोग में लाया जा सकता है। यह बात चूहों पर आधारित एनसीबीआई के एक शोध से स्पष्ट होती है। शोध में पाया गया कि अर्जुन की छाल से तैयार कैप्सूल का उपयोग फैट को कम करने में मदद कर सकता है।
हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी अर्जुन की छाल लाभकारी साबित हो सकती है। चूहों पर आधारित एनसीबीआइ के एक शोध में इस बात का जिक्र मिलता है। शोध में माना गया कि अर्जुन की छाल में ट्राइटरपेनॉइड नाम का एक खास रसायन पाया जाता है। इस खास रसायन की उपस्थिति के कारण ही अर्जुन छाल हृदय जोखिमों को दूर रखने में कारगर साबित हो सकती है। यह हाई बीपी और कोलेस्ट्रोल के साथ ही हृदय रोग के कारण होने वाले सीने के दर्द में भी राहत दिलाने का काम कर सकती है।
कान में दर्द का एक सामान्य कारण बैक्टीरियल इन्फेक्शन को माना जाता है। इस इन्फेक्शन के कारण कान में दर्द की समस्या देखी जा सकती है। इस समस्या से निपटने में अर्जुन की छाल का अर्क उपयोगी हो सकता है। अर्जुन की छाल में एंटीमाइक्रोबियल गुण मौजूद होता है। इस गुण के कारण यह कान के इन्फेक्शन को दूर करने में यह सहायक साबित हो सकती है।
What are the Benefits of Arjun Bark
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