Gisat 1A News: साल 2021 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ISRO द्वारा काफी कोशिशें की गई थीं, कि मिशन को सफल बनाया जा सके. जोकि नहीं हो पाया, लेकिन अपनी 2021 की विफलता को पीछे छोड़ते हुए ISRO एक बार फिर से इतिहास रचने की कगार पर है. जी हां, 4 साल के अंतराल के बाद अब ISRO Gisat-1A को लॉन्च करने के लिए पूरी तरह से तैयार है. यह उसी सेटेलाइट (EOS-03) का पुराना वर्जन है, जो कुछ तकनीकी खराबी आने के कारण अंतरिक्ष तक पहुंचने में असफल हो गया था.
Gisat-1A, EOS-05 के नाम से भी जाना जाता है. Gisat-1A को भारत की पैनी और आसमानी आंख भी कहा जा रहा है, जो ऊपर से कड़ी नजर रखेगा. यह सैटालाइट भारत में जल्दी ही लॉन्च की जा सकती है.
कई खूबियों के साथ लॉन्च होगा Gisat-1A
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक Gisat-1A भारत की सुरक्षा के लिहाज से काफी मददगार साबित हो सकता है. यह सैटेलाइट सरहदों पर पैनी नजर रखने के साथ ही साथ उपमहाद्वीप की ‘रियल टाइम’ (तुरंत) इमेजिंग करने में भी काफी सक्षम माना जा रहा है. यह सैटेलाइट 2.2 टन वजन के साथ तैयार की गई है, जो मुख्य रूप से नागरिक उद्देश्यों के लिए है. इस सैटेलाइट के जरिए सरहद पर होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी भारतीय सेना तक तत्काल रूप से पहुंचाने में मदद करेगी. Gisat-1A बादलों के बीच से साफ तस्वीर कैप्चर कर डेटा भेजने की भी क्षमता रखती है.
जल्दी की जा सकती है लॉन्च
Gisat-1A सैटेलाइट को जल्दी ही लॉन्च किया जा सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 20 फरवरी से 5 मार्च के बीच इस सैटेलाइट के लॉन्च होने की संभावना है. फिलहाल ISRO द्वारा इस सैटेलाइट के बेंगलुरु के यूआर राव सैटेलाइट सेंटर में जांच पूरी करा ली गई है। पिछली बार की सैटेलाइट की विफलता को न केवल देखते हुए बल्कि, उससे सबक लेते हुए वैज्ञानिकों ने इस सैटेलाइट में कोई कमी नहीं छोड़ी है.
इंफ्रास्ट्रक्चर मॉनिटरिंग में भी आएगी काम
Gisat-1A सैटेलाइट को वैज्ञानिकों द्वारा कई आधुनिक टेक्नोलॉजी से तैयार किया गया है. जिससे यह सैटेलाइट कई पहलुओं पर फिट बैठती है. टेक्नोलॉजी और इस सेक्टर के जानकारों की मानें तो यह सैटेलाइट इंफ्रास्ट्रक्चर मॉनिटरिंग और ऑपरेशनल प्लानिंग में मदद करती है.