new rules for vande matram: सरकार द्वारा राष्ट्रगान वंदे मातरम को लेकर नए नियम जारी किए गए हैं, जिनका पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है. यूनियन होम मिनिस्ट्री के मुताबिक जब भी यह नेश्नल सॉन्ग बजाया या गाया जाएगा तो ऐसे में सभी लोगों का खड़ा होना अनिवार्य होगा. मंत्रालय द्वारा कहा गया है कि वंदे मातरम के ऑफिशियल वर्जन को मर्यादा के साथ गाना और बजाना होगा. यह सॉन्ग 3 मनट 10 सेकेंड का है. नए नियमों के मुताबिक वंदे मातरम को 6 छंदों में बजाया जाएगा.
आमतौर पर ऑफिशियल इवेंट्स या सामाजिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम को गाना अनिवार्य कर दिया गया है. लेकिन, सिनेमा हॉल को लेकर भी अब नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं. जी हां, चलिए जानते हैं कि सिनेमा हॉल में अब वंदे मातरम गाया जाएगा या नहीं.
सिनेमा हॉल में वंदे मातरम को लेकर क्या हैं नियम
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सिनेमा हॉल में अब वंदे मातरम गाने को लेकर कुछ बदलाव किए गए हैं. बदलाव के तहत अब सिनेमा हॉल में वंदे मातरम गाना अनिवार्य नहीं होगा. सुप्रीम कोर्ट द्वारा अब यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि सिनेमा हॉल में राष्ट्रगान बजाना भी अब अनिवार्य नहीं है. अब वंदे मातरम गीत ज्यादातर सिविलिय अवॉर्ड सेरेमनी, पद्म अवॉर्ड्स और राष्ट्रपति के आने पर बजाया जाएगा.
देशभक्ति साबित करने के लिए खड़ा होना जरूरी नहीं
कोर्ट का मानना है कि देशभक्ति साबित करने के लिए सिनेमा घरों में किसी का खड़ा होना अनिवार्य नहीं है. इसलिए अगर आप अब सिनेमाघरों में मूवी देखने के लिए जा रहे हैं तो पहले की तरह अब आपको राष्ट्रगान के लिए खड़ा होना जरूरी नहीं होगा. हालांकि, यह निर्णय केंद्र सरकार द्वारा लिया गया है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा अंतिम निर्णय लेने का फैसला केंद्र सरकार पर छोड़ दिया गया था. कुछ लोग सिनेमाघरों में वंदे मातरम बजाए जाने को सही मान रहे हैं तो कुछ लोग इस नए नियम पर सहमति जताने के विरोध में भी हैं.
पहले सिनेमाघरों में खड़े होते थे लोग
साल 2016 नवंबर से ही सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाने और ऑडिएंस के उसपर खड़े होकर शामिल होना आधिकारिक रुप से अनिवार्य किया गया था. इस नियम को सख्ती के साथ सभी छोटे-बड़े सिनेमाघरों में फॉलो भी किया जा रहा था. लेकिन, अब पूर्ण रूप से इस नियम से बाध्यता हटा दी गई है.