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19 Minute Viral Video: सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे 19 मिनट 34 सेकंड का एक कथित वायरल प्राइवेट वीडियो इन दिनों खूब चर्चा में है. इस वीडियो को लेकर कई बातें कही जा रही हैं. कुछ लोग इसे असली बता रहे हैं, तो कई इसे फेक या खतरनाक लिंक मान रहे हैं. वीडियो के नाम पर इंटरनेट पर कई लिंक शेयर किए जा रहे हैं, जिन पर लोगों को क्लिक करने के लिए उकसाया जा रहा है. इस वजह से यह मामला सिर्फ एक वायरल ट्रेंड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि साइबर सिक्योरिटी का मुद्दा बन गया है.
वायरल वीडियो को लेकर साइबर सिक्योरिटी की क्या चेतावनी है?
साइबर क्राइम एजेंसियों और टेक्निकल एक्सपर्ट्स ने लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि इस वीडियो से जुड़े ज्यादातर लिंक संदिग्ध हो सकते हैं. इन पर क्लिक करने से मोबाइल या कंप्यूटर में मैलवेयर आ सकता है. कुछ मामलों में, ये लिंक फेक वेबसाइट पर ले जाते हैं जहां लॉगिन डिटेल्स या बैंक से जुड़ी जानकारी चुराने की कोशिश की जाती है. पुलिस की साइबर सेल ने साफ कहा है कि ऐसे किसी भी अनजान लिंक को न खोलें और न ही डाउनलोड करें.
क्या वीडियो असली है?
अभी तक इस कथित वीडियो की किसी ऑफिशियल सोर्स से पुष्टि नहीं हुई है. जिस कपल का नाम सर्कुलेट हो रहा है, उसके बारे में कोई असली जानकारी सामने नहीं आई है. इंटरनेट पर कई तरह के अंदाज़े लगाए गए हैं, लेकिन किसी भी एजेंसी ने सच कन्फर्म नहीं किया है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि कई बार ऐसे वायरल ट्रेंड्स सिर्फ़ लोगों की क्यूरिऑसिटी का फ़ायदा उठाने के लिए बनाए जाते हैं. डीपफेक टेक्नोलॉजी और AI की मदद से अब नकली वीडियो बनाना आसान हो गया है, जिससे कन्फ्यूजन और बढ़ जाता है. कॉन्ट्रोवर्सी के बाद कपल के बारे में कोई जानकारी नहीं है.
वायरल वीडियो पर क्लिक करने पर क्या होगा?
टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ऐसे वायरल लिंक अक्सर साइबर क्रिमिनल्स के लिए जाल होते हैं. जैसे ही कोई व्यक्ति लिंक पर क्लिक करता है, उसके फ़ोन में वायरस आ सकता है. यह पासवर्ड, फ़ोटो, प्राइवेट मैसेज और यहाँ तक कि बैंकिंग जानकारी भी चुरा सकता है. कुछ मामलों में रैंसमवेयर भी डाला जाता है, जो डिवाइस को लॉक कर देता है और पैसे मांगता है. इसलिए, लोगों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अनजान फ़ाइल या लिंक से दूर रहें और अपने डिवाइस में अपडेटेड एंटीवायरस का इस्तेमाल करें.
क्या अश्लील कंटेंट शेयर करने पर आपको जेल हो सकती है?
पुलिस ने यह भी साफ़ किया है कि बिना वेरिफ़िकेशन के अश्लील या संदिग्ध कंटेंट शेयर करना कानून के तहत जुर्म हो सकता है. ऐसा करने पर IT एक्ट के तहत जुर्माना या कानूनी कार्रवाई हो सकती है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी भी वायरल कंटेंट को देखने या फॉरवर्ड करने से पहले उसकी सच्चाई की जांच करना ज़रूरी है. अगर कोई संदिग्ध लिंक या मैसेज मिले, तो तुरंत रिपोर्ट करें.