Government Employee Breaks Down: आपमें से कितने लोगों को नौकरी करना अच्छा लगता होगा? सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी तरफ तेजी से खींचा है. वायरल वीडियो में एक 29 साल की सरकारी कर्मचारी काफी भावुक नज़र आ रही है. इस वीडियो को देखने के बाद एक बात तो ज़रूर साफ है कि कॉर्पोरेट और सरकारी, दोनों क्षेत्रों में काम करने वाले युवाओं के बीच एक नई बहस देखने को मिल रही है.
आखिर क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में महिला कर्मचारी ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि वह केवल 29 साल की हैं, लेकिन काम के बोझ और मानसिक दबाव की वजह से उन्हें ऐसा महसूस होता है जैसे वह ‘बूढ़ी’ होते जा रही हैं. इसके अलावा उन्होंने आगे जानकारी देते हुए बताया कि किस तरह ऑफिस के लंबे घंटों, भयंकर डेडलाइन के दबाव ने उनकी मुस्कान और ऊर्जा को पूरी तरह से खत्म कर दिया है.
यहां देखें वायरल वीडियो
इतना ही नहीं, वह वीडियो में वह कहती सुनाई देती हैं कि ‘मुझे समझ नहीं आता कि मैं क्या कर रही हूं. मैं सिर्फ 29 साल की हूं, लेकिन मुझे अपनी उम्र 50-60 साल जैसी महसूस होती है. मानसिक थकान ने मुझे शारीरिक रूप से भी तोड़ दिया है.”
बढ़ता वर्क प्रेशर और मानसिक तनाव
दरअसल, यह वीडियो सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं है, बल्कि उस ‘बर्नआउट’ (Burnout) की वास्तविकता है जिसे आज की युवा पीढ़ी सबसे ज्यादा झेलने को मजबूर हो गई है. वहीं, ज्यादातर सरकारी नौकरियों को सुरक्षित और कम तनावपूर्ण माना जाता है, लेकिन यह वायरल वाडियो दर्शाता है कि वहां भी कमियां और काम का दबाव अब बर्दाश्त से लगातार बाहर होते जा रहा है.
वीडियो पर लोगों ने क्या दी प्रतिक्रिया?
सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों की विभिन्न प्रतिक्रियांए सामने आई है. जहां, हजारों नेटिज़न्स ने महिला के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा है कि वे सभी ऐसा ही महसूस करते हैं. तो वहीं, कई लोगों ने ‘टॉक्सिक वर्क कल्चर’ (Toxic Work Culture) और मानसिक स्वास्थ्य सहायता की कमी की जमकर आलोचना की है. हालांकि, इस मामले में विशेषज्ञों का कहना है कि 30 साल से कम उम्र में इस तरह का तनाव भविष्य में गंभीर बीमारियों को न्योता दे सकता है.