इन दिनों इंस्टाग्राम पर ‘घूंघट वाली दुल्हन’ के नाम से मशहूर तान्या सिंह का एक और वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो में वो घूंघट ओढ़े गिटार बजाते हुए “तेरा मेरा प्यार अमर” गाना गए रही हैं. उनका इस गाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
यह वीडियो इतना मधुर है कि लाखों लोग इसे बार-बार देख रहे हैं. दर्शकों ने उनकी आवाज और आत्मविश्वास की खूब तारीफ की है. यह क्लिप इंस्टाग्राम पर शेयर की गई, जिसमें दुल्हन शांत भाव से गिटार समेटती नजर आती है. फिर वह 1962 की फिल्म “असली नकली” में लता मंगेशकर द्वारा गाए गए क्लासिक गाने “तेरा मेरा प्यार अमर” के शुरुआती स्वर छेड़ती है. उनकी आवाज कोमल, नियंत्रित और भावपूर्ण है, जो तुरंत लोगों का ध्यान खींच लेती है. पास खड़े लोग मुस्कुराते हुए झूमने लगते हैं, मानो कोई लाइव कॉन्सर्ट चल रहा हो.
वायरल वीडियो की कहानी
वीडियो महिला सत्संग या संगीत समारोह के दौरान का लगता है. इसमें दुल्हन को गाने के लिए कहा गया, तो उन्होंने बिना हिचक गिटार उठा लिया. पीली साड़ी में लंबा घूंघट बार-बार नीचे सरकता दिखता है, फिर भी उनकी प्रस्तुति में कोई कमी नहीं आई. गाने के बोल—”तेरा मेरा प्यार अमर, फिर क्यों तुझको लगता है डर”—उनकी मधुर धुन में और भी जीवंत हो जाते हैं. आसपास की महिलाएं तालियां बजाकर उनका साथ देती हैं.
इसके अलावा उनका एक अन्य वीडियो भी काफी वायरल है, जिसमें वह “शाम भी कोई शाम है” या “एक दिन तू यूँ हमको मिल जाएगा” जैसे गाने गाती दिखीं. इनमें भी घूंघट को बार-बार ठीक करने वाली महिला नजर आती है. कुल मिलाकर, यह सादगी भरा संगीत क्षण सोशल मीडिया पर ट्रेंड बन गया. इस वीडियो को अब तक 20 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं.
दुल्हन कौन हैं?
दुल्हन का नाम तान्या सिंह है. उनकी हाल ही में शादी हुई है और वो सहारनपुर से असिस्टेंट प्रोफेसर हैं. उनका पहला वीडियो उनकी भाभी ने रैंडमली रिकॉर्ड कर अपलोड किया था, जो देखते ही देखते वायरल हो गया था. तान्या के पति ने भी अब उनकी इंस्टाग्राम आईडी शेयर की है, जहां उनके अन्य वीडियो उपलब्ध हैं. पारंपरिक घर में शादी होने के बावजूद उनके ससुराल वाले उनके पैशन को आगे बढ़ाने में उनकी काफी मदद कर रहे हैं.
सोशल मीडिया की प्रतिक्रियाएं
नेटिजेंस उनकी आवाज की तारीफ कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, “वाह, क्या कमाल की आवाज है!” दूसरे ने कहा, “खूबसूरत आवाज!” कईयों ने उनकी शांत आत्मविश्वास भरी प्रस्तुति की सराहना की. हालांकि, कुछ ने इसे पितृसत्तात्मक बताते हुए टिप्पणी की कि टैलेंट पर घूंघट क्यों? फिर भी, ज्यादातर प्रतिक्रियाएं सकारात्मक हैं. कुछ लोगों ने अपनी परंपराओं का सम्मान करते हुए उनके घूंघट लेने पर तारीफ़ भी की है.