24
Antarctica Blood Falls Mystery: दुनिया के सबसे ठंडे और सबसे सुनसान महाद्वीप पर एक ऐसी जगह है जो सबसे बहादुर लोगों के भी पसीने छुड़ा सकती है. हम बात कर रहे हैं अंटार्कटिका की मैकमुर्डो ड्राई वैली की, जहां टेलर ग्लेशियर से इंसानी खून जैसी एक धारा नीचे गिरती है. यह खूनी झरना 1911 से साइंटिस्ट्स के लिए एक रहस्य बना हुआ है. लेकिन अब, इस रहस्य से पर्दा उठ गया है. आइए जानें कि यह कुदरत का इशारा है या साइंस का कोई अनोखा चमत्कार.
झरने के नीचे छिपा राज़
शुरू में, साइंटिस्ट्स को लगा कि यह लाल काई का काम है, लेकिन इस खूनी झरने के पीछे की सच्चाई ने अब साइंटिफिक दुनिया में हलचल मचा दी है. रिसर्चर्स के मुताबिक, ग्लेशियर के लगभग 1,300 फीट नीचे एक बड़ी खारे पानी की झील है जो 20 लाख सालों से बाहरी दुनिया से कटी हुई है.
बताया जाता है कि झील के पानी में नमक और आयरन बहुत ज़्यादा है. जैसे ही आयरन वाला पानी बर्फ़ की दरारों से निकलकर हवा (ऑक्सीजन) के संपर्क में आता है, एक केमिकल रिएक्शन से उसमें जंग लग जाता है, और आयरन के ऑक्सीडेशन से पानी चमकदार लाल हो जाता है.
क्या इससे एलियंस की खोज में मदद मिलेगी?
सबसे हैरानी की बात यह है कि इस झील में माइक्रोऑर्गेनिज़्म बिना ऑक्सीजन और सूरज की रोशनी के भी ज़िंदा रहते हैं. साइंटिस्ट्स का मानना है कि अगर अंटार्कटिका में इन खतरनाक हालात में जीवन पनप सकता है, तो मार्स और जुपिटर के चांद यूरोपा पर भी जीवन मुमकिन है. असल में, यह सिर्फ़ एक झरना नहीं है, बल्कि दूसरे ग्रहों पर जीवन की खोज का एक रास्ता है.