क्यों होती है आइवरी कॉफी इतनी स्मूद ओर कम कड़वा?
क्या कहती है स्टडी?
रिसर्चर्स ने ब्लैक आइवरी कॉफी बनाने वाले हाथियों के गोबर के सैंपल का अध्ययन किया और उनकी तुलना उसी अभयारण्य के उन हाथियों के सैंपल से की जिन्होंने कॉफी चेरी नहीं खाई थी. उन्होंने पाया कि कॉफी खाने वाले हाथियों में बड़ी संख्या में ऐसे बैक्टीरिया थे जो पेक्टिन को तोड़ते हैं, जो कॉफी बीन्स में पाया जाने वाला एक प्राकृतिक पदार्थ है.
पेक्टिन आमतौर पर भूनने के दौरान टूट जाता है और कड़वे स्वाद वाले कंपाउंड बनाता है. हालांकि, जब पेट के बैक्टीरिया भूनने से पहले पेक्टिन की मात्रा को कम कर देते हैं, तो कम कड़वे कंपाउंड बनते हैं. इससे यह समझने में मदद मिलती है कि ब्लैक आइवरी कॉफी का स्वाद रेगुलर कॉफी की तुलना में ज़्यादा स्मूद क्यों होता है.