तमिलनाडु में रहने वाली एक उत्तर भारतीय महिला और उनकी तमिल लैंडलेडी के बीच के इस प्यारे वीडियो ने सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत लिया है. दोनों महिलाएं एक-दूसरे की भाषा न समझने के बावजूद इशारों और हाव-भाव से गपशप करती नजर आ रही हैं.
उत्तर भारतीय महिला तमिल मकान मालकिन से कर रहीं हैं बात
जहां लोग भाषा के नाम पर लड़ रहे हैं, संघर्ष को बढ़ावा दे रहे हैं; वहीं दूसरी तरफ ऐसे लोग भी हैं जो भाषा की दीवार लांघकर एक-दूसरे का सम्मान करते हैं और आत्मीयता भरे रिश्तों को अपनाते हैं. अपनेपन से भरा ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
तमिलनाडु में रहने वाली एक उत्तर भारतीय महिला और उनकी तमिल लैंडलेडी के बीच के इस प्यारे वीडियो ने सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत लिया है. दोनों महिलाएं एक-दूसरे की भाषा न समझने के बावजूद इशारों और हाव-भाव से गपशप करती नजर आ रही हैं. यह वीडियो भाषाई विवादों के बीच सकारात्मक संदेश दे रहा है.
वीडियो में उत्तर भारतीय महिला अपनी बेटी के साथ तमिल लैंडलेडी से मिलने जाती हैं. दोनों बुजुर्ग महिलाएं कुर्सी पर बैठकर हंसती-बोलती हैं. दोनों के बीच भाषा की कोई बाधा नहीं दिखाई देती. हाथ के इशारे, मुस्कान और मिले-जुले शब्दों से दोनों महिलाएं बात कर ले रही हैं. कैप्शन में लिखा है, "जब भारत भाषा पर झगड़ता है, तब मेरी मां और तमिल लैंडलेडी आंटी बेस्ट फ्रेंड्स की तरह वाइब कर रही हैं."
वीडियो की शुरुआत में भूरे रंग की सलवार-सूट पहने एक महिला गेट के अंदर प्रवेश करती नजर आती है. जैसे ही वह भीतर कदम रखती है, सीढ़ियों के पास बैठी बुजुर्ग महिला मुस्कान बिखेरती हुई गर्मजोशी से उसका स्वागत करती है. दोनों एक-दूसरे से हर्षित भाव से अभिवादन करती हैं. भले ही उनकी भाषाएं अलग हों, लेकिन उनकी प्रसन्नता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है. वीडियो के अगले हिस्से में, दोनों महिलाएं गेट के निकट सीढ़ियों पर साथ बैठी दिखाई देती हैं. वे हाव-भाव, सरल शब्दों और स्नेहपूर्ण अंदाज में बातचीत को जारी रखती हैं. तुरंत ही एक अन्य महिला भी उनसे मिल लेती है. टूटी-फूटी हिंदी व तमिल में तीनों अपनी चर्चा को बखूबी आगे बढ़ाती हैं. वे हंसती-मुस्कुराती हैं, सिर हिलाती हैं और सहज भाव से एक-दूसरे के उत्तर देती हैं.
11 फरवरी को शेयर हुए इस वीडियो को लोगों ने खूब पसंद किया. अब तक इसे 65,000 से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं. यूजर्स ने इसे 'प्योर आंटी कंटेंट' कहा. एक यूजर ने लिखा, "भाषा या लोगों के खिलाफ लड़ाई नहीं, थोपने के खिलाफ है." दूसरे ने कहा, "तमिल लोग हिंदी या हिंदी वालों के खिलाफ नहीं, सिर्फ थोपने के खिलाफ." यह वीडियो लोगों का खूब दिल जीत रहा है.
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