कर्नाटक के दावणगेरे जिले में एक दहला देने वाली घटना सामने आई है. दावणगेरे में एक नवविवाहिता शादी के तीन महीने बाद अपने पति के साथ भाग गई. इस घटना से उसका पति हरीश इतना अधिक आहत हुआ कि उसने आत्महत्या कर ली.
प्रेमी संग भाग जाने की खबर सुनने के बाद हुई बदनामी से लड़की के फूफा (शादी कराने वाले) ने भी आत्महत्या कर ली है. 30 वर्षीय हरीश (गुम्मनूर गांव) और 36 वर्षीय रुद्रेश (अनेकोन्दा) की यह घटना पूरे इलाके में सनसनी फैला रही है.
शादी से भागने तक का सिलसिला
हरीश ने तीन महीने पहले ही हुलिकट्टे गांव की सरस्वती से शादी की थी. इन दोनों की शादी सरस्वती के फूफा रुद्रेश ने ही तय कराई थी, जो सरस्वती के भाग जाने के बाद बेहद अपमानित महसूस कर रहे थे. 23 जनवरी 2026 को सरस्वती मंदिर जाने का बहाना बनाकर घर से बाहर निकली और अपने प्रेमी कुमार (या शिवकुमार) के साथ भाग गयी.
हालांकि, पुलिस ने 25 जनवरी को सरस्वती को ट्रेस कर लिया, लेकिन आहत हरीश ने सोमवार को घर पर फांसी लगा ली थी. दिलचस्प बात ये है कि हरीश को शादी से पहले सरस्वती के प्रेम प्रसंग की जानकारी थी, फिर भी उन्होंने परिवार को मनाया और सरस्वती से शादी की.
सुसाइड नोट और दूसरी मौत
सरस्वती के भागने के बाद हरीश ने आत्महत्या कर ली, लेकिन उसके पहले एक सुसाइड नोट लिखा. इस सुसाइड नोट में लिखा था कि सरस्वती ने भागने के बाद उस पर उत्पीड़न का झूठा आरोप लगाया और उसके रिश्तेदारों ने धमकाया. हरीश ने सरस्वती, उसके माता-पिता, चाचा गणेश, अंजीनाम्मा का नाम लिखकर उनके लिए सख्त सजा की मांग की.
हरीश की आत्महत्या की खबर मिलने के बाद रुद्रेश ने जहर खा लिया. उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. पुलिस के अनुसार दोनों मौतें भावनात्मक दबाव से हुईं हैं.
परिवार की शिकायत और पुलिस कार्रवाई
हरीश के पिता ने शिकायत में आरोप लगाया कि कुमार ने हरीश को मारपीट कर धमकाया और उसे आत्महत्या करने को मजबूर किया. साथ ही उन्होंने सरस्वती और उसके परिवार पर कार्रवाई की मांग की. दावणगेरे रूरल पुलिस ने हरीश के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज किया है. सरस्वती पर हरीश को आत्महत्या के लिए उकसाने का केस चल रहा है. बता दें कि शादी के कुछ दिनों बाद सरस्वती ने हरीश और परिवार पर उत्पीड़न की शिकायत भी दर्ज कराई थी, वहीं सरस्वती का प्रेमी कुमार फरार हो गया है.