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Dog Tiger Fight: मालिक को बचाने के लिए आखिरी सांस तक लड़ता रहा जर्मन शेफर्ड, पेश की बफादारी की मिशाल

Dog Tiger Fight: कुत्ते को बिना शर्त वफादारी के लिए इंसान का सबसे अच्छा दोस्त माना जाता है. यह बात नैनीताल जिले के तराई पश्चिमी वन प्रभाग से सटे मदनपुर गैबुआ में पायलट नाम के एक कुत्ते ने एक बार फिर साबित कर दी.

Written By: Pushpendra Trivedi
Last Updated: January 11, 2026 13:16:33 IST

Dog Tiger Fight: कुत्ते को बिना शर्त वफादारी के लिए इंसान का सबसे अच्छा दोस्त माना जाता है. यह बात नैनीताल जिले के तराई पश्चिमी वन प्रभाग से सटे मदनपुर गैबुआ में पायलट नाम के एक कुत्ते ने एक बार फिर साबित कर दी. जर्मन शेफर्ड कुत्ते ने अपने मालिक की जान बचाने के लिए एक खूंखार बाघ का सामना किया. पायलट तब तक बाघ से लड़ता रहा जब तक उसकी जान नहीं चली गई. कुत्ते ने अपने मालिक को कोई नुकसान नहीं होने दिया. कुत्ते ने अपने मालिक को रोता हुआ छोड़ दिया है. उसने अपने मालिक के प्रति भक्ति और वफादारी की मिसाल कायम करते हुए इस दुनिया को अलविदा कह दिया.

देखने को मिली डॉग की बफादारी

मिली जानकारी के अनुसार, रामनगर के मदनपुर गैबुआ गांव के रक्षित पांडे अपने पालतू कुत्ते पायलट के साथ गन्ने की कटाई के लिए अपने खेतों में गए थे. उन्हें नहीं पता था कि झाड़ियों के बीच एक बाघ शिकार की तलाश में छिपा हुआ है. पांडे को पास देखकर बाघ सतर्क हो गया और उन पर हमला कर दिया. इसी बीच खतरा भांपकर डॉग पायलट, बाघ पर कूद पड़ा और जानवरों की लड़ाई में उससे भिड़ गया. इस भीषण लड़ाई में बाघ ने कुत्ते पर बार-बार हमला किया और उसे मौके पर ही मार डाला. हालांकि, अपने वफादार कुत्ते की बहादुरी की वजह से पांडे बाल-बाल बच गए. कुत्ते को इसलिए सबसे अच्छा बफादार जीव की श्रेणी में रखा गया है. खुद की जान देकर भी अपने मालिक को पायलट ने बचा लिया. इसकी चर्चा पूरे गांव में हुई. 

बाघ के बारे में किया अलर्ट

घटना के बाद पांडे ने तुरंत अपने परिवार और गांव वालों को इस घटना के बारे में बताया और उन्हें गांव के पास बाघ की मौजूदगी के बारे में भी चेतावनी दी. इस घटना से दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में गांव वाले मौके पर पहुंच गए. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता विपिन कांडपाल को घटना की जानकारी दी गई, जिन्होंने तुरंत प्रभागीय वन अधिकारी (DFO) प्रकाश चंद्र आर्य को सूचित किया. वन विभाग के अधिकारियों की एक टीम मौके पर पहुंची और मृत कुत्ते का पोस्टमॉर्टम किया. बता दूं कि कैसे एक डॉग ने अपनी बफादारी को निभाया. सच में इस जानवर के जैसा कोई नहीं हो सकता. बता दें बहुत से लोग डॉग लवर होते हैं. शहरों के अलावा गांवों में भी लोग डॉग को अपने घर पर सुरक्षा के लिए रखते हैं.

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Dog Tiger Fight: कुत्ते को बिना शर्त वफादारी के लिए इंसान का सबसे अच्छा दोस्त माना जाता है. यह बात नैनीताल जिले के तराई पश्चिमी वन प्रभाग से सटे मदनपुर गैबुआ में पायलट नाम के एक कुत्ते ने एक बार फिर साबित कर दी.

Written By: Pushpendra Trivedi
Last Updated: January 11, 2026 13:16:33 IST

Dog Tiger Fight: कुत्ते को बिना शर्त वफादारी के लिए इंसान का सबसे अच्छा दोस्त माना जाता है. यह बात नैनीताल जिले के तराई पश्चिमी वन प्रभाग से सटे मदनपुर गैबुआ में पायलट नाम के एक कुत्ते ने एक बार फिर साबित कर दी. जर्मन शेफर्ड कुत्ते ने अपने मालिक की जान बचाने के लिए एक खूंखार बाघ का सामना किया. पायलट तब तक बाघ से लड़ता रहा जब तक उसकी जान नहीं चली गई. कुत्ते ने अपने मालिक को कोई नुकसान नहीं होने दिया. कुत्ते ने अपने मालिक को रोता हुआ छोड़ दिया है. उसने अपने मालिक के प्रति भक्ति और वफादारी की मिसाल कायम करते हुए इस दुनिया को अलविदा कह दिया.

देखने को मिली डॉग की बफादारी

मिली जानकारी के अनुसार, रामनगर के मदनपुर गैबुआ गांव के रक्षित पांडे अपने पालतू कुत्ते पायलट के साथ गन्ने की कटाई के लिए अपने खेतों में गए थे. उन्हें नहीं पता था कि झाड़ियों के बीच एक बाघ शिकार की तलाश में छिपा हुआ है. पांडे को पास देखकर बाघ सतर्क हो गया और उन पर हमला कर दिया. इसी बीच खतरा भांपकर डॉग पायलट, बाघ पर कूद पड़ा और जानवरों की लड़ाई में उससे भिड़ गया. इस भीषण लड़ाई में बाघ ने कुत्ते पर बार-बार हमला किया और उसे मौके पर ही मार डाला. हालांकि, अपने वफादार कुत्ते की बहादुरी की वजह से पांडे बाल-बाल बच गए. कुत्ते को इसलिए सबसे अच्छा बफादार जीव की श्रेणी में रखा गया है. खुद की जान देकर भी अपने मालिक को पायलट ने बचा लिया. इसकी चर्चा पूरे गांव में हुई. 

बाघ के बारे में किया अलर्ट

घटना के बाद पांडे ने तुरंत अपने परिवार और गांव वालों को इस घटना के बारे में बताया और उन्हें गांव के पास बाघ की मौजूदगी के बारे में भी चेतावनी दी. इस घटना से दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में गांव वाले मौके पर पहुंच गए. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता विपिन कांडपाल को घटना की जानकारी दी गई, जिन्होंने तुरंत प्रभागीय वन अधिकारी (DFO) प्रकाश चंद्र आर्य को सूचित किया. वन विभाग के अधिकारियों की एक टीम मौके पर पहुंची और मृत कुत्ते का पोस्टमॉर्टम किया. बता दूं कि कैसे एक डॉग ने अपनी बफादारी को निभाया. सच में इस जानवर के जैसा कोई नहीं हो सकता. बता दें बहुत से लोग डॉग लवर होते हैं. शहरों के अलावा गांवों में भी लोग डॉग को अपने घर पर सुरक्षा के लिए रखते हैं.

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