हाल ही में रेडिट पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है. इस पोस्ट में इस्तीफ़ा देने के बाद मैनेजर के दुर्व्यवहार के बारे में बताया गया है. यह पोस्ट एक एम्प्लॉई ने किया है, जिसमें उसने बताया है कि कैसे उसके इस्तीफ़ा देने के बाद मैनेजर ने उसके साथ बदसलूकी भरा व्यवहार किया.
इस पोस्ट के अपलोड होते ही यह तेजी से वायरल होने लगा और लोगों ने इस तरह के अपने ऑफिस के अनुभव भी कमेंट सेक्शन में साझा किये.
घटना का पूरा ब्योरा
कर्मचारी ने जब रेजिग्नेशन सबमिट किया तो सरप्राइज मीटिंग में सीनियर मैनेजर भड़क गया. मैनेजर ने उसपर चिल्लाना शुरू कर दिया. उसने कर्मचारी पर टीम छोड़ने का आरोप लगाया और इस्तीफ़ा वापस लेने को कहा. कर्मचारी ने शांति से कहा, “मैं पर्सनल रीजंस से जा रहा हूं, डिटेल्स नहीं बता सकता.” मैनेजर ने उस पर पर्सनल टिप्पणी भी की, लेकिन कर्मचारी चुप रहा.
मैनेजर की हताशा
पहले भी टीम ने मैनेजर से खराब मैनेजमेंट को लेकर शिकायतें कीं थीं जो इग्नोर हो रही थीं. उसके बाद एम्प्लॉई के रेजिग्नेशन देने पर मैनेजर उस पर गुस्सा करने लगा. चिल्लाने के बाद मैनेजर ने रिवोक करने को कहा, लेकिन उस कर्मचारी ने किसी फालतू बात का जवाब नहीं दिया. कर्मचारी ने विनम्रता से पूछा, “क्या वह नोटिस पीरियड से पहले रिलीज हो सकता है?” मैनेजर फ्रीज हो गया, गुस्से में चैलेंज करने लगा. लेकिन जब कर्मचारी ने दोहराया कि क्या वह नोटिस पीरियड से पहले रिलीज हो सकता है तो मैनेजर को एहसास हो गया कि कंट्रोल उसके पास से जा चुका है.
कर्मचारी का ‘साइलेंट रिवेंज’
कर्मचारी ने बताया, “मैं जल्दी छोड़ने वाला नहीं था, बस उसे बर्न आउट होते देखना था.” यह ‘क्वाइट क्विटिंग’ या ‘साइलेंट रिवेंज’ का परफेक्ट उदाहरण है. मैनेजर के कई बार उकसाने के बाद भी वो शांत बना रहा और अपनी बात पर अड़ा रहा. उसने मैनेजर को ये दिखा दिया कि अब वो उस पर कोई अधिकार नहीं दिखा सकता है.
क्यों वायरल हुई स्टोरी?
ऑफिस टॉक्सिसिटी आजकल कॉमन है. रेडिट यूजर्स ने इस घटना पर एम्प्लॉई का सपोर्ट किया, कई ने इससे जुड़ी अपनी कहानियां भी शेयर कीं. कॉर्पोरेट कल्चर में मैनेजर और एम्प्लॉयीज के बीच बढ़ता फ्रस्टेशन वर्क कल्चर को प्रभावित कर रहा है. आज हर तीसरा आदमी कहीं न कहीं ऑफिस पॉलिटिक्स का शिकार हो रहा है.