क्या है पूरी कहानी?
महिला को कैसें पता चला कि मूर्ति कार्टून थी?
क्या है यूजर्स के रिएक्शन?
रिपोर्ट में एक यूज़र के हवाले से कहा गया है, “यह सच में बहुत मज़ेदार है. उसने पुण्य कमाया है, लेकिन मैंने अभी-अभी एक पुण्य का पॉइंट खो दिया है. एक अन्य यूजर ने कहा कि भगवान के प्रति भक्ति और विश्वास अंदर से आता है. तो क्या हुआ अगर उसने श्रेक की पूजा की? मायने यह रखता है कि भक्ति सच्ची हो. तीसरे यूजर ने कहा कि इस कहानी का सबक यह है कि कभी-कभी आपको कार्टून फिल्में भी देखनी चाहिए. चौथे यूज़र ने लिखा कि बौद्ध धर्म ने लंबे समय से अलग-अलग लोकल लोक मान्यताओं के तत्वों को अपनाया है, इसलिए यह आश्चर्य की बात नहीं है कि कोई श्रेक को बुद्ध के रूप में प्रार्थना करे. अगर आपके दिल में बुद्ध हैं, तो वही बुद्ध हैं.