जहां देशभर में एलपीजी गैस को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हैं, वहीं इस गहमागहमी के बीच पश्चिम बंगाल में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. पश्चिम बंगाल में एलपीजी गैस की समस्या के नाम पर एक स्कूल में मिड-डे मील के दौरान बच्चों को खाने की जगह गोलगप्पे परोसे गए.
इस अनोखे लंच का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इस अनोखे दृश्य को सहायक शिक्षिका नंदिता सरकार ने कैमरे में कैद किया और इंस्टाग्राम पर साझा किया, जहां इसे देखते ही देखते दस लाख से अधिक व्यूज़ मिल गए.
वायरल वीडियो का विवरण
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक गोलगप्पे का विक्रेता ठेला लगाकर खड़ा है और बच्चे लाइन बनाकर प्लेट लेकर खड़े हैं. पास में ही खड़ी उनकी टीचर यह दृश्य रिकॉर्ड कर रही होती हैं. हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद कुछ अभिभावकों ने इस लंच मेन्यू पर आपत्ति जताई और बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त की.
अभिभावकों के प्रतिरोध के बाद प्रिंसिपल ने सफाई दी कि LPG सिलेंडर की कमी के कारण ही यह कदम उठाया गया. मिड-डे मील प्रभावित न हो, इसलिए अस्थायी व्यवस्था की गई. पुचका विक्रेता ने भी कहा कि स्कूल की अनुमति से ही स्टॉल लगाया. हालांकि, अभिभावकों का कहना है कि यह स्कूल नीति का उल्लंघन है. अभिभावकों ने पुचका स्टॉल हटाने की मांग की। कुछ ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया, जबकि अन्य ने खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठाए.
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर अपलोड होते ही इस वीडियो ने सनसनी मचा दी. लोगों ने इस वीडियो पर खूब कमेंट्स किये. एक यूजर ने लिखा, “यह कौन सा स्कूल है? मैं इसमें दाखिला लेना चाहता हूं.” वहीं कुछ लोगों ने ईंधन संकट के दौरान बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए विद्यालय के इस कदम की सराहना भी की.