अर्जेंटीना के तट पर 1899 के बाद जाएंट फैंटम जेलीफिश देखी गई है, जिसने वैज्ञानिकों को रोमांचित कर दिया है. यह जीव समुद्र की गहराइयों का रहस्य उजागर करता है. कुछ अन्य जेलीफिश के विपरीत, विशालकाय फैंटम जेलीफिश में डंक मारने वाले टेंटेकल्स नहीं होते हैं.
फैंटम जेलीफिश
अर्जेंटीना के तट पर 1899 के बाद जाएंट फैंटम जेलीफिश देखी गई है, जिसने वैज्ञानिकों को रोमांचित कर दिया है. इस दुर्लभ दैत्याकार फैंटम जेलीफिश की खोज वैज्ञानिकों को रोमांचित कर रही है. यह जीव समुद्र की गहराइयों का रहस्य उजागर करता है.
कुछ अन्य जेलीफिश के विपरीत, विशालकाय फैंटम जेलीफिश में डंक मारने वाले टेंटेकल्स नहीं होते हैं. दुर्लभ होने की वजह से अभी तक इसका दस्तवजीकरण नहीं किया गया है.
4 फरवरी 2026 को श्मिट ओशन इंस्टीट्यूट के जहाज आर/वी फाल्कोर (तु) पर अर्जेंटीना के वैज्ञानिकों ने कोलोराडो-रॉसन समुद्र के नीचे के कैनियन में 820 फीट गहराई पर इसका वीडियो रिकॉर्ड किया गया. रिमोटली ऑपरेटेड वाहन सुबास्टियन ने इस विशाल जेलीफिश को कैद किया, जो गुलाबी रिबन जैसे बाहों के साथ तैर रही थी. यह अभियान अर्जेंटीना के तटों की गहरी समुद्री पारिस्थितिकी का अध्ययन कर रहा था.
इसका वैज्ञानिक नाम स्टाइजियोमेडिका जाइगैंटिया है. इसका घंटी जैसा दिखने वाला भाग 1 मीटर व्यास तक बढ़ सकता है, जबकि इसकी चार बाहें 10 मीटर (लगभग 33 फीट या बस के आकार) लंबी हो सकती हैं. ये पारदर्शी और बहुत विशाल होती हैं, इसलिए इसका नाम ‘फैंटम’ नाम पड़ा.
फैंटम जेलीफिश भोजन के लिए समुद्री जीवों के शिकार पर निर्भर हैं. इसमें डंक मारने वाली टेंटेकल्स नहीं होतीं, इसके बजाय चार लंबी मौखिक बाहें होती हैं जो शिकार जैसे प्लैंकटन और छोटी मछलियों को पकड़ती हैं और मुंह तक ले जाती हैं. ये बाहें धीरे-धीरे लहराती हुई शिकार को आकर्षित करती हैं. यह गहरे समुद्र की दुर्लभ प्रजाति है, जो बहुत कम दिखाई देती है.
यह अभियान समुद्र के अंदर के पारिस्थितिकी तंत्र का पता लगाने के लिए किया गया था. अभियान ब्यूनस आयर्स से टिएरा डेल फ्यूगो तक फैला था, जहां कोल्ड सीप्स (मीथेन गैस रिसाव वाले क्षेत्र) का पता लगाया गया. वैज्ञानिकों ने वेटिकन सिटी जितना बड़ा कोल्ड सीप और बैथेलिया कैंडिडा कोरल रीफ खोजा, जो ऑक्टोपस, मछलियों के लिए आवास है. इस अभियान में कुल 28 नई प्रजातियां मिलीं, जिनमें कीड़े और सी एनिमोन शामिल हैं.
यह खोज अर्जेंटीना के गहरे समुद्र की जैव-विविधता को दर्शाती है. डॉ. मेलिसा फर्नांडेज़ सेवेरिनी ने कहा कि ये नमूने पारिस्थितिकी की कमजोरियों को समझने में मदद करेंगे. फैंटम जेलीफिश गहरे समुद्र के रहस्यमयी जीवन का प्रतीक है. यह खोज समुद्र संरक्षण की जरूरत बताती है. गहरे समुद्र की 80% प्रजातियां अभी अज्ञात हैं।
Viral Video: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर रितिका नाम की एक यूजर की ओर से…
Most Nervous 90s in IPL: शतक के करीब पहुँचकर क्यों डगमगाए ईशान किशन? जानें क्या…
अगर आप शाम के समय कुछ टेस्टी स्नैक खाना चाहते हैं, तो हम आपके लिए…
Mangalwar Ke Upay: मंगलवार का दिन भगवान हनुमान की भक्ति के लिए बेहद खास माना…
Firozabad News: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में एक युवक का शव पेड़ पर लटका मिला.…
ASG Aishwarya Bhati Report: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उन लोगों के राजनीतिक बैकग्राउंड के…