Animals recognise in mirror: विज्ञान की दुनिया बेहद ही अजीब है. जहां, ‘मिरर सेल्फ-रिकॉग्निशन’ (MSR) टेस्ट यह जांचने का एक मानक तरीका है कि क्या किसी जानवर में आत्म-जागरूकता (Self-awareness) कितनी ज्यादा होती है. तो वहीं, अधिकांश जानवर आईने में अपनी छवि को देखकर उसे कोई दूसरा जानवर समझने लगते हैं, तो दूसरी तरफ डर या फिर खुद पर ही हमला करने लग जाते हैं. लेकिन, आप में से कम लोग यह जानते होंगे कि धरती पर कुछ जानवरों की ऐसी प्रजातियां जिन्होंने यह साबित कर दिया है कि वे आईने में दिखने वाला चेहरा उनका खुद का ही है.
चिंपांजी और ओरंगुटान
महान वानर (Great Apes) इस सूची में सबसे पहले नंबर पर आते हैं. वे आईने का इस्तेमाल कर अपने ही शरीर के उन हिस्सों को देखने के लिए करते हैं जिन्हें उन्हें सीधे तरीके से देखने में परेशानी का सामना करना पड़ता है.

एशियाई हाथी
तो वहीं, इस मामल में हाथी किसी से भी कम नहीं है. एशियाई हाथियों ने अपनी सूंड का इस्तेमाल करके अपने सिर पर लगे निशान को आईने में देखकर छुआ, जिससे यह साबित हो गया कि वे खुद को पूरी तरह से पहचानते हैं.

बॉटलनोज़ डॉल्फिन
तीसरे नंबर पर सबसे शांत डॉल्फिन आती है. दरअसल, डॉल्फिन ने सिर्फ खुद को आसानी से पहचान पाती हैं, बल्कि आईने के सामने अपनी गतिविधियों का निरीक्षण करना भी सबसे ज्यादा पसंद करती हैं.

यूरेशियन मैगपाई
तो वहीं, इस सूची में एकमात्र पक्षी गैर-स्तनधारी है. इसने साबित कर दिया है कि आत्म-जागरूकता के लिए केवल ‘नियोकोर्टेक्स’ (जो स्तनधारियों में होता है) की आवश्यकता नहीं है.

क्लीनर रास
इसके अलावा हाल ही में, इस छोटी मछली ने वैज्ञानिकों को तब हैरान कर दिया जब इसने दर्पण परीक्षा को को पूरी तरह से पास कर लिया. जिससे यह इस सूची में शामिल होने वाली पहली दुनिया की मछली बन गई है.

आत्म-जागरूकता का महत्व
तो वहीं, इन जानवरों का आईने में खुद को पहचानना उनकी उच्च संज्ञानात्मक क्षमताओं (Cognitive Abilities) को एक बार फिर से पूरी तरह से दर्शाता है. इन्ह तमाम जानवरों ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि उनमें न सिर्फ बुद्धि है, बल्कि वे अपनी व्यक्तिगत पहचानने के भी पूरी तरह से काबिल हैं.