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‘भारतीय आलसी हैं,’ आमेर फोर्ट पर अमेरिकी पर्यटक ने भारतीयों की फिटनेस पर कसा तंज, वीडियो वायरल

जयपुर घूमने आये एक अमेरिकी पर्यटक चार्ली ने एक वीडियो बनाया, जिसमें भारतीयों को 'आलसी' और 'फिटनेस से दूर' कहा. इस वीडियो को अब तक 4.36 लाख से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं और इस मुद्दे ने इंटरनेट पर एक नई बहस छेड़ दी है.

Written By: Shivangi Shukla
Edited By: Hasnain Alam
Last Updated: 2026-02-03 18:43:54

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हाल ही में जयपुर घूमने आये एक अमेरिकी पर्यटक चार्ली का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. चार्ली इवांस भारत घूमने आये थे और आमेर फोर्ट में चढ़ाई कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने एक वीडियो बनाया, जिसमें भारतीयों को ‘आलसी’ और ‘फिटनेस से दूर’ कहा. इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया. इस वीडियो को अब तक 4.36 लाख से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं और इस मुद्दे ने इंटरनेट पर एक नई बहस छेड़ दी है.

वीडियो का विवरण

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इंस्टाग्राम पोस्ट में चार्ली इवांस आमेर फोर्ट की खड़ी चढ़ाई उतरते दिख रहे हैं. उन्होंने देखा कि कई भारतीय पर्यटक रास्ते में रुक गए. ज्यादातर भारतीय बीच रास्ते में रुककर आराम कर रहे थे, सिगरेट पी रहे थे या ड्रिंक्स ले रहे थे. चार्ली ने टिप्पणी की, “मैं जानता हूं भारतीय आउट ऑफ शेप क्यों हैं. वे एक्स्ट्रा माइल नहीं जाते.” उन्होंने दावा किया कि एंट्री फीस देकर भी लोग चढ़ाई पूरी नहीं कर रहे, जो उनके अनुसार “आलसी” होने का सबूत है. उन्होंने यह बात वीडियो में कई बार दोहराई. 

इंटरनेट की बंटी प्रतिक्रिया

इस वीडियो पर लोगों के रिएक्शन्स दो हिस्सों में बंटे हुए हैं. कुछ यूजर्स ने इस पर सहमति जताई, जैसे “सही कहा, दोस्त सुबह 6 बजे साइक्लिंग के लिए नहीं आते.” उन्होंने माना कि भारत में फिटनेस पर ध्यान कम है. लेकिन बहुमत ने इस वीडियो और इस मानसिकता की कड़ी आलोचना की. यूजर्स ने इसे स्टीरियोटाइपिकल और कल्चरल अज्ञानता बताया. एक ने लिखा, “ब्रिटिश आए, लूटे, बांटे और चले गए. अब अंग्रेजी बोलने वाला विदेशी ब्लेम करे?” दूसरे ने हास्य से जवाब दिया, “पहाड़ पर मंदिर होता तो दौड़कर चढ़ जाते.”

कई लोगों ने सकारात्मक और तर्कपूर्ण कमेंट भी किये, जैसे- “कुछ हेल्थ कॉन्शस हैं, कुछ नहीं. देश घूमो, एंजॉय करो, लेकिन जनरलाइज मत करो.” अन्य ने मोटिवेशन की कमी पर जोर दिया, “आलसीपन नहीं, मोटिवेशन की कमी है. टॉप पर मंदिर हो तो दौड़ पड़ेंगे.” धीरे-धीरे यह बहस फिटनेस, पर्यटन और सांस्कृतिक संवेदनशीलता पर केंद्रित हो गई.

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