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CEO Interview Viral Story: एक स्टार्टअप CEO के लिए एक आम हायरिंग कॉल अचानक तनावपूर्ण हो गया, जब उसे महसूस हुआ कि यह इंटरव्यू उसके जीवन के सबसे अजीब अनुभवों में से एक है और वह प्रोफेशनल तौर-तरीकों पर सवाल उठाने लगे.
एक Reddit पोस्ट में, CEO ने बताया कि कैसे एक सीनियर एकेडमिक, जो एक प्रोफेसर और डीन थे, ने LinkedIn के ज़रिए उनके स्टार्टअप, Zenark में एक लीडरशिप रोल के लिए अप्लाई किया था. लेकिन उसस इंटरव्यू में जो हुआ उससे CEO काफी ज्यादा हिल गए थें. ऐसे में चलिए विस्तार से जानें कि आखिर पूरा ड्रामा क्या था.
क्या है पूरा मामला?
Reddit वायरल पोस्ट के मुताबिक, CEO, वज़ाहत सईद ने स्टार्टअप के लिए एक इंटरव्यू फोन द्वारा लिया, कैंडिडेट एक प्रोफेसर और डीन थे, ने LinkedIn के ज़रिए उनके स्टार्टअप, Zenark में एक लीडरशिप रोल के लिए अप्लाई किया था. मैसेज पर शुरुआती बातचीत काफी पॉज़िटिव लगी. कैंडिडेट ने सच में दिलचस्पी दिखाई और खुद को एक सही कैंडिडेट के तौर पर ज़ोरदार तरीके से पेश किया. इसी आधार पर, CEO, वज़ाहत सईद ने बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए एक कॉल शेड्यूल किया. लेकिन, कॉल शुरू होते ही बातचीत का अंदाज़ पूरी तरह बदल गया.
इंटरव्यू में कैंडिडेट ने CEO से ही कर डाले दानादन सवाल
एक संतुलित बातचीत के बजाय, कैंडिडेट ने तुरंत ही एक के बाद एक तीखे सवाल पूछने शुरू कर दिए. इनमें CEO की पढ़ाई-लिखाई, उनकी MBBS डिग्री की प्रकृति, टीम का साइज़, कंपनी के रजिस्ट्रेशन, और यहां तक कि क्या स्टार्टअप की कोई वेबसाइट है, जैसे सवाल शामिल थे.
CEO ने लिखा कि सच कहूं तो, ऐसा लग रहा था जैसे मुझसे पूछताछ की जा रही हो… या उससे भी बुरा, जैसे मैं किसी वाइवा में बैठा हूं. वह कैंडिडेट के बैकग्राउंड, उसकी प्रेरणाओं, या अप्लाई करने के कारणों के बारे में कुछ भी जान नहीं पाए. इससे पहले कि CEO रोल के बारे में समझा पाते या कंपनी के विज़न के बारे में बता पाते, कैंडिडेट ने अचानक कॉल काट दिया और कहा कि उसे इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है.
पोस्ट के कैप्शन में क्या लिखा है?
पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, मेरे स्टार्टअप में अप्लाई किया, फिर मुझसे ऐसे सवाल पूछे जैसे मैं ही कैंडिडेट हूं

हालांकि, रिजेक्शन अपने आप में कोई मुद्दा नहीं था, लेकिन CEO ने कहा कि कैंडिडेट के रवैये ने उन पर एक गहरा असर छोड़ा. इस बातचीत ने उनके मन में काम करने की जगहों के माहौल और इस बारे में कुछ बड़े सवाल खड़े कर दिए कि क्या कुछ लोग अभी भी प्रोफेशनल माहौल में अपना दबदबा बनाने के लिए पद, उम्र या ओहदे पर निर्भर रहते हैं. पोस्ट में आगे कहा गया है कि सच कहूं तो, मुझे रिजेक्शन से कोई दिक्कत नहीं थी. दिक्कत तो उसके रवैये से थी.
पोस्ट पर क्या हैं यूजर का रिएक्शन?
Reddit यूज़र्स ने कैंडिडेट के व्यवहार की आलोचना करते हुए कहा कि उसका व्यवहार बहुत ज़्यादा हुक्म चलाने वाला लग रहा था. एक यूज़र ने कमेंट किया कि इस पर ज़्यादा ध्यान मत दो. कभी-कभी लोगों को लगता है कि उनका अनुभव और उम्र, चाहे वह कितनी भी प्रासंगिक क्यों न हो उन्हें दूसरे व्यक्ति पर अधिकार दे देती है.
दूसरे यूज़र ने कमेंट किया कि शायद वह अपनी ज़िंदगी से कड़वा हो गया है और तुमसे जलता है. एक तीसरे यूज़र ने टिप्पणी की आप कमान अपने हाथ में ले सकते थे. बीच में टोकते, याद दिलाते कि यह इंटरव्यू किसका है, और यह भी कि आप यहां विश्लेषण करने आए हैं, न कि दबे-छिपे और नरमी से कुछ साबित करने.