Jharkhand News: झारखंड के गढ़वा जिले से एक ऐसी खबर सामने आ रही है, जिसे सुनकर आप कहेंगे कि अगर प्रशासनिक स्तर पर इतनी लापरवाही हो रही है तो आम लोगों के जुड़े प्रशासनिक कार्यों में कितनी लापरवाही हो रही होगी. दरअसल, पूरा मामला यह है कि झारखंड के गढ़वा जिले में एक मृत कर्मचारी का ही ट्रांसफर आदेश जारी कर दिया गया. इस घटना के सामने आने के बाद न सिर्फ स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे प्रदेश में सवाल उठने लगे हैं और चर्चा का बाजार गर्म हो गया है.
भवनाथपुर अंचल में जिला प्रशासन द्वारा जारी स्थानांतरण सूची अब विवादों में घिर गई है. इस सूची में कई राजस्व कर्मियों का तबादला किया गया, लेकिन हैरानी तब हुई जब इसमें एक ऐसे कर्मचारी का नाम भी शामिल मिला, जिनका निधन करीब चार महीने पहले ही हो चुका है.
मृत कर्मचारी का हो गया ट्रांसफर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिवंगत राजस्वकर्मी गौरव आनंद को भवनाथपुर अंचल से रंका अंचल में पदस्थापित दिखाया गया है. जैसे ही यह आदेश सामने आया, अंचल कार्यालय से लेकर आम लोगों तक हर कोई हैरान रह गया और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े होने लगे. इस पूरे मामले पर स्थानीय लोगों का कहना है कि जब संबंधित कर्मचारी का देहांत हो चुका है, तो उनका ट्रांसफर आदेश जारी होना सीधे-सीधे बड़ी प्रशासनिक चूक को दर्शाता है.
अंचल कर्मियों ने दी सफाई
इस पूरे मामले पर अंचल कार्यालय के कर्मियों की प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि स्थानांतरण सूची जिला स्तर से तैयार होती है और संभवतः पुराने डाटा के आधार पर यह गलती हुई है. फिलहाल, इस मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. लोगों की मांग है कि इस तरह के आदेश जारी करने से पहले अभिलेखों की सही तरीके से जांच की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी चूक दोबारा न हो.