Kashmir Weather Story: कश्मीर घाटी इस समय कुदरत के दो अलग-अलग रंगों से रूबरू हो रही है. जहां, एक तरफ ताज़ा बर्फबारी ने दुनियाभर के लोगों को अपनी तरफ आकर्षित किया है. तो वहीं, दूसरी तरफ इस बर्फबारी ने पहाड़ों पर रहने वाले लोगों के लिए सफेद मुसीबत खड़ी कर दी है, जिसको लेकर पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
गुलमर्ग से सोनमर्ग तक जश्न का माहौल
जैसे ही कश्मीर के ऊंचे इलाकों में बर्फ गिरनी शुरू हुई, धीरे-धीरे पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. इसके साथ ही गुलमर्ग, पहलगाम और सोनमर्ग जैसे विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर पैर रखने की जगह नहीं है. यहां सैलानियों के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा है. जहां पर्यटक जमकर स्कीइंग, स्लेजिंग और बर्फ के बीच तस्वीरें खिंचवाने के लिए लोग दूर-दूर से घाटी पहुंच रहे हैं.
तो वहीं, पर्यटन विभाग का मानना है कि इस भारी बर्फबारी से शीतकालीन पर्यटन (Winter Tourism) को सबसे ज्यादा बड़ा बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय कारोबारियों, होटल मालिकों और शिकारों वालों की आय में तेजी से बढ़ोतरी भी देखने को मिलेगी.
भारी बर्फबारी से जनजीवन पर पड़ा असर
जहां एक तरफ इस बर्फबारी का जमकर आनंद ले रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ भारी बर्फबारी से लोगों का जन-जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है. जानकारी के मुताबिक, पिछले सप्ताह हुई भयंकर बर्फबारी ने कश्मीर के आंतरिक बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया था. इतना ही नहीं, उत्तर और दक्षिण कश्मीर के कई ऊंचाई वाले गांव अपने जिला मुख्यालयों से पूरी तरह से कट गए हैं. जहां, सड़कें 5 से 6 फीट बर्फ के नीचे दबी हुई हैं, जिससे राशन और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की आपूर्ति में पूरी तरह से बाधा देखने को मिल रही है.
हिमस्खलन ने कश्मीर में मचाई भारी तबाही
लेकिन सबसे ज्यादा प्रभाव श्रीनगर-लद्दाख राष्ट्रीय राजमार्ग पर देखने को मिल रहा है. जब हिमस्खलन (Avalanche) की वजह से यह अहम मार्ग पिछले एक सप्ताह से पूरी तरह से बंद हो गया है. जिसके बाद सीमा सड़क संगठन (BRO) और प्रोजेक्ट बीकन की टीमें दिन-रात भारी मशीनों के साथ सड़क साफ करने में लगातार जुटी हुई ताकि जल्द से जल्द बर्फ को हटाकर मार्ग को खोला जाए, जिससे पर्यटकों की भी परेशानी कम हो जाएगी. लेकिन, भीषण ठंड और तेजी से गिरती बर्फ काम में बाधा डालने का काम कर रही है.
प्रशासन की तैयारी और पर्यटकों को चेतावनी
इतना ही नहीं, मौसम विभाग (MeT) ने आने वाले 48 घंटों में एक और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के आने की संभावना जताई है, जिससे मैदानी इलाकों में तेज बारिश और ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी देखने को मिल सकती है. इस बात को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने हिमस्खलन की चेतावनी और पर्यटकों से अपील करते हुए कहा कि ढलानों और फिसलन वाले रास्तों पर जाने से पूरी तरह से बचने की कोशिश करें. इसके साथ ही प्रशासन ने आगे कहा कि उत्साह के साथ-साथ कुछ महत्वपूर्ण बातों को ध्यान में रखते हुए ही बर्फबारी का जमकर आनंद लें.