Mughal Emperor Intresting Fact: भारत में कई मुगल बादशाह (Mughal Emperor) ने राज किया. कुछ ने तो क्रूरता की सारी हदें पार कर दी थी. बाबर से लेकर औरंगजेब तक ने भारत पर कई-कई सालों तक राज किया. इस दौरान भारत में कई चीजें बदली और कई शानदार निर्माण हुआ, जो आज भी मौजूद हैं. लेकिन औरंगजेब ने सब कुछ बर्बाद कर दिया. उसी के जैसा एक और क्रूर मुगल बादशाह था. जो बिना कपड़ो के दरबार में सभी के सामने नाचता था.
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साल 1712 में बहादुर शाह (Jahandar Shah) (प्रथम) की मृत्यु हो गई. जिसके बाद उनके बेटों के बीच गद्दी के लिए जंग शुरू हो गई. इस जंग में जहांदार शाह के कामयाबी मिली. वह मुगलों की गद्दी पर बैठा. वह अय्याशियों और रंगीन-मिजाजी के लिए काफी मशहूर था. उसने अपनी पूरी सत्ता लाल कुंवर को सौंप दी. वह उसकी कनीज थी, जिससे उसने कभी शादी भी नहीं की थी.
जानकारी के मुताबिक, खासुरैत खान की बेटी थी. जो मुगल दरबार में ही काम करती थी. लाल कुंवर उम्र में जहांदार शाह से काफी बड़ी थी. वह अपनी खूबसूरती और नृत्य से हर किसी का मन मोह लेती थी. लाल कुंवर ने जहांदार को अपने वश में कर लिया था. लाल कुंवर (Lal Kunwar) को जहांदार ने रानी तक का दर्जा दे दिया था. उसे इम्तियाज मुगल का तमगा भी सौंपा गया था. वह अपना अधिक समय लाल कुंवर के साथ ही बिताता था. इसी का फायदा उठाकर उन्होंने अपने रिश्तेदारों को मुगल दरबार में नियुक्ति भी करा दी थी.
लाल कुंवर के वश में आने के बाद वह क्रूर और मूर्ख हो गया था. इतिहासकारों के अनुसार, जहांदार शाह के सगे बेटों को लाल कुंवर जरा भी पसंद नहीं थी. उसने जहांदार शाह से शिकायत कर सभी बेटों की आंखें फुड़वा दी थी और जेल में डलवा दिया था. उसने अपने मनोरंजन के लिए कई लोगों को नदी में भी डुबा दिया था. जहांदार पूरी तरह बिना कपड़े पहनकर दरबार लगाता था. वहीं कभी-कभी वह महिलाओं के कपड़े पहनकर दरबार में पहुंच जाता था. वह मुगल काल का सबसे मुर्ख राजा कहलाया. उसकी इसी हरकत के कारण वह नौ महीने ही मुगल साम्राज्य की गद्दी पर काबिज रह पाया. 6 जनवरी 1713 को हार के बाद उसने दिल्ली में शरण ली और बाद में उसकी हत्या कर दी गई.