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यहां घरों में ताले नहीं लगते, जमीन भगवान की मानी जाती है और अपराध ना के बराबर -जानिए राजस्थान के देवमाली गांव की अनोखी कहानी

Rajasthans Devmali Village: राजस्थान के ब्यावर जिले में स्थित देवमाली (देवोमाली) गांव अपनी अनोखी परंपराओं के कारण पूरे देश में चर्चा में है. अमीर लोग भी मिट्टी के घरों में रहते हैं, शराब और मांस का सेवन पूरी तरह वर्जित है.  यहां लोग अपने घरों में ताले नहीं लगाते और अपराध लगभग न के बराबर है. इसी ईमानदारी, विश्वास और सादगी के कारण देवमाली को भारत सरकार ने सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव का दर्जा दिया है.

Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: January 26, 2026 18:43:18 IST

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Rajasthans Devmali Village: जब पूरे देश में अपराध के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, ऐसे समय में राजस्थान का एक गांव अपनी परंपरा, संस्कृति और ईमानदारी के लिए चर्चा में है. यह गांव इतना सुरक्षित है कि यहां लोग अपने घरों में ताले तक नहीं लगाते. हैरानी की बात यह है कि यहां अपराध लगभग न के बराबर है.

यह गांव है ‘देवमाली’, जिसे स्थानीय लोग ‘देवोमाली’ भी कहते हैं. यह गांव राजस्थान के ब्यावर जिले में स्थित है. हाल ही में इस गांव से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि घरों के दरवाजे खुले रहते हैं और लोग बिना किसी डर के रहते हैं.

देवमाली गांव को मिला खास दर्जा

भारत सरकार ने देवमाली गांव को साल 2014 में भारत का सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सम्मान गांव की लोकप्रियता, सुरक्षा और आसपास के इलाकों में इसकी अच्छी छवि को देखते हुए दिया गया था. बाद में सितंबर 2024 में भी इसे ‘बेस्ट टूरिस्ट विलेज’ का खिताब मिला.

भगवान की मानी जाती है जमीन

देवमाली गांव की सबसे खास बात यह है कि यहां रहने वाले लोगों के पास अपने घरों के कोई कानूनी कागजात नहीं हैं. गांव के लोगों का मानना है कि इस पूरी जमीन के मालिक भगवान देवनारायण हैं. गांव में भगवान देवनारायण का एक प्रमुख मंदिर भी है, जहां सभी ग्रामीण गहरी आस्था रखते हैं.

अमीर भी रहते हैं मिट्टी के घरों में

इस गांव में ज्यादातर घर मिट्टी से बने हुए हैं. खास बात यह है कि गांव के अमीर लोग भी पक्के मकान नहीं बनाते, बल्कि मिट्टी के घरों में ही रहना पसंद करते हैं. यहां के घरों में या तो दरवाजे नहीं होते या फिर दरवाजों पर ताले नहीं लगाए जाते.

शराब और मांस पूरी तरह वर्जित

देवमाली गांव के लोग पूरी तरह शाकाहारी हैं और यहां शराब पीना सख्त मना है. गांव के लोग सादगी, अनुशासन और धार्मिक नियमों का पालन करते हैं. यही वजह है कि यहां अपराध न के बराबर है और गांव की पहचान एक सुरक्षित जगह के रूप में बनी हुई है.

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

देवमाली गांव का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर वायरल हो रहा है, जिसमें लिखा है-‘इस गांव में कोई भी अपने घर में ताला नहीं लगाता है, अनोखा गांव है राजस्थान का.’यह वीडियो लोगों को काफी पसंद आ रहा है और लोग गांव की ईमानदारी, आपसी विश्वास और परंपरा की तारीफ कर रहे हैं.

कहां स्थित है देवमाली गांव?

देवमाली गांव राजस्थान के ब्यावर जिले में स्थित है. गांव की बनावट पुराने समय यानी मध्यकाल जैसी है. यहां के ज्यादातर घर मिट्टी के बने हैं और आज भी बिना ताले के सुरक्षित हैं.देवमाली गांव आज पूरे देश के लिए एक मिसाल है, जो दिखाता है कि विश्वास, संस्कृति और परंपराएं मिलकर भी एक सुरक्षित समाज बना सकती हैं.

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