इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो रहा है. यह वीडियो एक कुत्ते का है, जो अमेरिका की सड़कों पर शांति सन्देश प्रचारित कर रहा है. इस कुत्ते का नाम अलोका है, जो बौद्ध भिक्षुओं के साथ एक समूह शांति यात्रा कर रहा है.
यह कुत्ता मूल रूप से भारत का है जिसे भिक्षुओं ने गोद लिया था. अब यह अमेरिका के टेक्सास से वाशिंगटन डीसी तक 2300 मील की लंबी यात्रा में उनके साथ है.
यात्रा का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
बौद्ध भिक्षुओं की यह शांति यात्रा अक्टूबर 2025 में फोर्ट वर्थ, टेक्सास से शुरू हुई थी. Huong Dao Vipassana Bhavana मठ के 19 बौद्ध भिक्षु और कुत्ता अलोका यह यात्रा कर रहे हैं और यह 110 दिनों में 10 राज्यों को पार करके फरवरी 2026 में समाप्त होगी. यात्रा का मुख्य उद्देश्य एकता, करुणा और शांति का संदेश फैलाना है. अलोका नामक यह कुत्ता पहले भारत में भिक्षुओं के साथ 112 दिनों की शांति यात्रा कर चुका है जहां उसे कार दुर्घटना और बीमारी का सामना करना पड़ा लेकिन उसने फिर भी यात्रा जारी रखी.
अलोका की प्रेरक कहानी
अलोका एक भारतीय परिया नस्ल का कुत्ता है. भारत यात्रा के दौरान बौद्ध भिक्षुओं ने इसे परित्यक्त अवस्था में पाया और गोद ले लिया. कार से ठोकर लगने और बीमार होने पर भी अलोका ने ट्रक में सवार होने से इनकार कर दिया और पैदल चलता रहा. भिक्षुओं का कहना है कि अलोका शांति का सच्चा प्रतीक है और बिना बोले संदेश देता है. अब अमेरिकी यात्रा में भी वह शांतिपूर्वक चल रहा है और लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है. अलोका का Alokathepeacedog नाम से इंस्टाग्राम हैंडल भी है, जिस पर अभी उसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.
अलोका की यात्रा की प्रगति और समर्थन
दिसंबर 2025 तक बौद्ध भिक्षुओं का समूह अलोका के साथ अटलांटा पहुंच चुका था. फेसबुक पर इस समूह का लाइव ट्रैकर उपलब्ध है और सोशल मीडिया पर इनके नियमित अपडेट आते हैं. स्थानीय लोग भिक्षुओं और अलोका को आइसक्रीम, चिकित्सा जांच और भोजन प्रदान कर रहे हैं. टेक्सास की डेयरी क्वीन ने भी अलोका को आइसक्रीम दी. अलोका जहां से भी गुजर रहा है वहां उसे लोगों का प्यार मिल रहा है.
अलोका की कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. उसकी यात्रा दुनियाभर में लोगों को शांति का सन्देश दे रही है और लोग उससे पीस डॉग के रूप में बेहद प्रभावित हो रहे हैं. अलोका जहां से गुजरता है, वहां लोग उस पर प्यार लुटाने लगते हैं.