इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है. वीडियो में एक टेक इंजीनियर ऑटो ड्राइवर से मुंबई की हाई लिविंग कॉस्ट पर बात करता हुआ दिख रहा है.
बातचीत के दौरान जब ऑटो ड्राइवर ने उसे अपनी दैनिक कमाई बताई तो वो सुनकर हैरान रह गया. उसने बताया कि बीटेक के बाद भी वो शुरुआत में इतना नहीं कमाता था, जितना ऑटो ड्राइवर कमा रहे हैं.
वायरल वीडियो की पूरी कहानी
सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में एक मुंबई का टेकी और व्लॉगर ऑटो ड्राइवर से बात करता हुआ नजर आता है. वह ऑटो ड्राइवर से शहर के महंगे खर्चों की शिकायत करता है, तो ड्राइवर जवाब देता है, “मुंबई में पैसा बरसता है, बस पकड़ने वाला होना चाहिए.” फिर वह खुलासा करता है कि खर्च निकालकर वह रोजाना औसतन 2,500 रुपये कमाता है.
व्लॉगर हैरान होकर हिसाब लगाता है की रोज 2,500 का मतलब है महीने में 75,000 रुपये तक. वह वीडियो में कहता है, “बीटेक के बाद पहली जॉब में भी इतना नहीं कमाता था.” वीडियो में टेक्स्ट दिखता है कि भारत में 30,000 की सैलरी को सम्मानजनक माना जाता है, लेकिन 75,000 कमाने वाला ऑटो ड्राइवर कम सम्मान पाता है. मुंबई जैसे महानगर में ऑटो ड्राइवरों की कमाई लोकेशन, घंटे और डिमांड पर निर्भर करती है। वीडियो में ड्राइवर ने साफ कहा कि पेट्रोल, मेंटेनेंस सब निकालकर यह नेट कमाई है.
सोशल मीडिया पर मचा तहलका
इस वीडियो को लाखों व्यूज मिले और नेटिजंस के बीच यह चर्चा का विषय बन गया. लोगों ने इस पर खूब कमेंट्स किए. एक यूजर ने लिखा, “भैया के पास वैकेंसी है क्या?” वहीं दूसरे यूजर ने लिखा, “मां… मुझे ऑटोवाला बनना है!” कुछ ने कॉरपोरेट जॉब की आलोचना भी की, “डिग्री बेकार है क्या?” कई लोगों ने कमेंट में ये भी कहा कि कॉरपोरेट में कमाई के साथ स्थिरता, छुट्टी और कम तनाव मिलता है, जबकि ऑटो चलाना शारीरिक मेहनत वाला काम है.