Brain Teaser Challenge: ज़ेबरा की काली और सफेद धारियां प्राकृतिक रूप से ‘ऑप्टिकल इल्यूजन’ पैदा करने के लिए सबसे ज्यादा मशहूर हैं और जानी भी जाती है. तो वहीं, दूसरी तरफ इस पहेली में भी वहीं वैज्ञानिक सिद्धांत लागू होता है. जब आप एक साथ कई धारियों (Stripes) को देखते हैं, तो आपका दिमाग उन्हें एक समान पैटर्न के रूप में पूरी तरह से स्वीकार कर लेता है, जिससे बारीक अंतर को पकड़ना लगभग नामुमकिन हो जाता है.
तो वहीं, दूसरी तरफ इस चुनौती को हल करने के लिए धैर्य रखने की सबसे ज्यादा आवश्यकता होती है. अगर आप इसे पहली बार में नहीं देख पा रहे हैं, तो तस्वीर को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर देखने की कोशिश कर सकते हैं. पहले ऊपर से नीचे और फिर बाएं से दाएं.
हमारा दिमाग नहीं पहचान पाता है पैटर्न
ज़ेबरा की धारियों का ‘कैमफ्लाज’ प्रभाव मानवीय हमारे दिमाग को पैटर्न पहचानने में पूरी तरह से भ्रमित कर देता है क्योंकि हमारा दिमाग जटिल सूचनाओं को सरल बनाने की कोशिश करता है. इस जटिल पहेली को केवल 15 सेकंड के अंदर हल करना हर किसी के बस की बात नहीं होती है. जहां, एक जैसे दिखने वाले चित्रों के बीच बारीक अंतर खोजना आपकी एकाग्रता बढ़ाने का एक बेहतरीन तरीका माना जाता है जो याददाश्त में भी काफी हद्द तक सुधार लाने का भी काम करता है.
ऐसे में क्या कहते हैं मनोवैज्ञानिक?
मनोवैज्ञानिकों के मुताबिक ऐसी चुनौतियां दिमाग की ‘पैटर्न रिकग्निशन’ क्षमता को गहराई से विकसित करने में मदद करती हैं और संज्ञानात्मक विकास को भी पूरी तरह से बढ़ावा देती हैं. तो वहीं, दूसरी तरफ पहेली को जल्दी हल करने के लिए अपनी नज़रों को स्थिर रखने के बजाय पूरी तस्वीर पर तेज़ी से घुमाना एक प्रभावी तकनीक साबित होती है.
दरअसल, ऐसा करने से यह दिमागी खेल न केवल मनोरंजन करता है बल्कि दैनिक तनाव को कम करने और मानसिक शांति प्रदान करने में भी काफी सहायक सिद्ध साबित होता है.