Viral Answer Sheet: सोशल मीडिया पर ज्यादातर छात्रों की ऐसी उत्तर पुस्तिकाएं वायरल होती रहती हैं, जिन्हें देखकर सिर चकरा जाता है. हाल ही में बेहद ही अजीबो-गरीब मामला सामने आया है जिसने हर किसी को पूरी तरह से हैरान कर दिया है. दरअसल, एक छात्र ने इतिहास के साथ ऐसा खिलवाड़ किया कि खुद शिक्षक भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए. जब प्रश्न पत्र में पूछा गया था कि ‘बाबर के पिता का नाम क्या था?’, तो इसके जवाब में छात्र ने पूरे आत्मविश्वास के साथ मराठा साम्राज्य के संस्थापक ‘छत्रपति शिवाजी महाराज’ का नाम लिख दिया. लेकिन, हकीकत में बाबर के पिता का नाम उमर शेख मिर्जा था और शिवाजी महाराज का जन्म बाबर की मृत्यु के लगभग 100 साल बाद हुआ था.
तो वहीं, अब इस वायरल फोटो को देखकर नेटिजन्स तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. जहां, कुछ लोग इसे ‘भविष्य का महान इतिहासकार’ बताकर मजा ले रहे हैं, तो कुछ इसे रट्टा मारने का नतीजा मान रहे हैं. इतना ही नहीं, कई लोगों ने कहा कि छात्र शायद परीक्षा के दबाव में थे या उसने बिना सोचे-समझे सिर्फ दो बड़े ऐतिहासिक नामों को एक साथ जोड़ दिया था. तो वहीं, शिक्षक द्वारा लाल पेन से काटा गया यह उत्तर अब मीम्स की दुनिया में तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है.
यहां देखें वायरल वीडियो
In UP, during Class 12 sociology exam
A student answer sheet had 100 Rs attached with Babur ka baap Shivaji and Jai Shree Ram written on it.
This is the level of Education in UP where young Mindset has more polarised narratives than academic knowledge.
What a Pity !! pic.twitter.com/NKcBJ2bWTI
— Nehr_who? (@Nher_who) February 17, 2026
छात्र की सोच पर उठाए जा रहे गंभीर सवाल
तो वहीं, दूसरी तरफ इस मामले में विशेषज्ञों और यूजर्स का मानना है कि इस तरह की गलतियां सिर्फ और सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि इतिहास की सही समझ की कमी को दर्शाती है. जहां, छात्र अक्सर महत्वपूर्ण नामों को याद तो कर लेते हैं, लेकिन उनके कालखंड (Timeline) और आपसी संबंधों को समझने में पूरी तरह से फेल हो जाते हैं. लेकिन, अब इस मामले में भी छात्र ने दो प्रभावशाली नाम तो चुने, लेकिन उनके बीच के सदियों पुराने अंतर को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया. तो वहीं, यह उत्तर उस ‘कॉपी-पेस्ट’ संस्कृति का नतीजा भी हो सकता है जहां बिना तर्क के जानकारी जुटाई जा रही है.
आखिर क्यों हुआ ऐसा ऐतिहासिक भ्रम?
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस कॉपी ने शिक्षा प्रणाली में ‘क्रिटिकल थिंकिंग’ की आवश्यकता पर जोर देना शुरू कर दिया. जहां, लोग गंभीर सवाल उठा रहे हैं कि क्या छात्र सिर्फ पास होने के लिए पढ़ रहे हैं? इस बीच, शिक्षक समुदाय ने जानकारी देते हुए कहा कि ऐसे जवाबों से बचने के लिए छात्रों को इतिहास को रटने के बजाय कहानियों और कालक्रम के माध्यम से समझाना बेहद ही जरूरी हो जाता है. फिलहाल, यह छात्र अपने इस ‘क्रांतिकारी’ जवाब की वजह से पूरे इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन चुका है.