बेंगलुरु की एक महिला अनु के एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट ने महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और लिंग पूर्वाग्रह पर एक नई बहस छेड़ दी है. उन्होंने जब अपने दोस्त को नया आईफोन दिखाया तो उसने कहा कि उसके बॉयफ्रेंड ने उसे ये फोन दिलाया है, क्योंकि वह अमीर है.
बेंगलुरु की एक महिला ने बताया कि कैसे उसकी एक दोस्त ने मान लिया कि उसका आईफोन उसके बॉयफ्रेंड का तोहफा है। (X/@Escapeplace__)
Tera banda ameer hai: बेंगलुरु की एक महिला अनु का एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट काफी वायरल हो रहा है. इस पोस्ट ने महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और लिंग पूर्वाग्रह पर एक नई बहस छेड़ दी है.
दरअसल, उन्होंने अपनी कमाई से एक आईफोन खरीदा था, जिसे जब उन्होंने अपने दोस्त को दिखाया तो उसने कहा कि उसके बॉयफ्रेंड ने उसे ये फोन दिलाया है, क्योंकि वह अमीर है. उसके इस कमेंट ने समाज की पुरानी मानसिकता उजागर कर दी.
अनु ने 23 फरवरी 2026 को एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया. इस पोस्ट में अनु ने अपना निजी अनुभव शेयर करते हुए बताया कि उन्होंने अपना पहला आईफोन खुद खरीदा, जो उनकी मेहनत की कमाई था. जब वो अपने एक पुराने दोस्त से मिलने गईं तो उन्होंने अपने दोस्त को नया आईफोन दिखाया, जिस पर उसने कहा, “सही है भाई, बंदे ने फोन दिला दिया.” अनु ने पूछा कि उन्हें क्यों लगा कि यह गिफ्ट है, न कि उनकी खुद का खरीदा हुआ. दोस्त का जवाब था, “तेरा बंदा अमीर है, तो इसमें इतना क्या सोचना?”
अनु ने लिखा अपने दोस्त के कमेंट पर वो हैरान थीं, क्योंकि वह दोस्त जब बेरोजगार था तो बाहर घूमने पर बिल हमेशा अनु चुकाती थीं. वह उनका पुराना दोस्त था और अच्छी तरह से जानता है कि उन्हें महंगे तोहफे लेना पसंद नहीं है. उन्होंने बताया कि एक शादीशुदा दोस्त से बात करने पर पता चला कि उन्हें भी ऐसे अनुभव हुए हैं. अनु ने लिखा, “जब किसी महिला की जिंदगी में पुरुष आता है, तो उसकी उपलब्धियां क्यों फीकी पड़ जाती हैं?”
पोस्ट को हजारों लाइक्स, रीट्वीट्स और कमेंट्स मिले. कई महिलाओं ने इससे जुड़े अपने अनुभव शेयर किए. एक ने कहा, “मैं महंगे गिफ्ट्स नहीं लेतीं, क्योंकि पुरुष हमें जज करते हैं. डेट पर खुद बिल देती हूं.” वहीं एक दूसरी यूजर ने कमेंट किया, “मेरे फोन की समस्या बताई, तो दोस्त ने कहा- बॉयफ्रेंड से नया लो.” साथ ही पुरुष यूजर्स ने भी स्वीकारा कि यह सामान्य पूर्वाग्रह है. कुछ ने इसे जलन बताया, कहा ऐसे दोस्तों से दूरी बनाओ.
भारतीय समाज में महिलाओं को आर्थिक रूप से पुरुष पर निर्भर माना जाता है. अनु ने कहा वो ऐसी कई महिलाओं को जानती हैं जो बाहर जाकर काम कर रही हैं, यात्राएं करतीं हैं और फैमिली को आर्थिक रूप से सपोर्ट करतीं हैं, लेकिन रिलेशनशिप में आने पर उनकी मेहनत भुला दी जाती है.
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