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तिरुमाला मंदिर जा रहा 21,000 लीटर घी का टैंकर सड़क पर पलटा, बाल्टियां लेकर पहुंच गए गांववाले, वीडियो वायरल

तिरुमाला मंदिर घी टैंकर पलटा: पुणे से तिरुमाला मंदिर जा रहा 21,000 लीटर घी ले जा रहा एक टैंकर रविवार रात कडप्पा के चित्रावती पुल के पास पलट गया, जिससे स्थानीय लोग बहते हुए घी को इकट्ठा करने लगे, जिससे ऑनलाइन गरीबी बनाम लूटपाट पर बहस छिड़ गई.

Written By: Shristi S
Last Updated: 2026-03-10 18:03:06

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Tirumala Temple Ghee Tanker Overturn: पुणे से तिरुमाला मंदिर जा रहा एक टैंकर रविवार रात कडप्पा जिले के कोंडापुरम मंडल में चित्रावती पुल के पास पलट गया. इस हादसे में लगभग 21,000 लीटर घी बह गया, जो मंदिर में चढ़ावे के लिए था. पुलिस ने बताया कि पुल पार करने के तुरंत बाद ड्राइवर ने गाड़ी पर से कंट्रोल खो दिया, जिससे वह पलट गई. ड्राइवर और क्लीनर दोनों को मामूली चोटें आईं.
 

घी का टैंकर कहां पलटा?

पुणे से तिरुमाला मंदिर जा रहा 21,000 लीटर घी ले जा रहा एक टैंकर रविवार रात कडप्पा के चित्रावती पुल के पास पलट गया, जिससे स्थानीय लोग बहते हुए घी को इकट्ठा करने लगे, जिससे ऑनलाइन गरीबी बनाम लूटपाट पर बहस छिड़ गई. जैसे ही खबर फैली, स्थानीय लोग अधिकारियों के आने से पहले गिरे हुए घी को इकट्ठा करने के लिए बाल्टियां और कंटेनर लेकर मौके पर पहुंच गए. बाद में पुलिस ने व्यवस्था ठीक करने और आगे इकट्ठा होने से रोकने के लिए दखल दिया. मामला दर्ज कर लिया गया है, और जांच चल रही है. जमीन से गिरे हुए घी को इकट्ठा करते लोगों के वीडियो सोशल मीडिया साइट्स पर वायरल हो गए हैं.
 

देखें वीडयो




वायरल वीडियो देखने के बाद क्या है यूजर्स का रिएक्शन?

गांववालों के घी उठाते हुए वीडियो तेज़ी से वायरल हो गए, जिससे ऑनलाइन गरमागरम बहस छिड़ गई. कुछ यूज़र्स ने इस घटना को लूट बताया, जबकि दूसरों ने इस शब्द पर कड़ी आपत्ति जताई. आलोचकों का कहना था कि इसे लूट कहना गरीब गांववालों को गलत तरीके से बदनाम कर रहा है, जो बस उस चीज़ को बचा रहे थे जो वरना बर्बाद हो जाती. एक यूज़र ने कहा कि यह लूट नहीं है. घी पहले ही गिर चुका था; वे बस बचा हुआ घी उठा रहे थे. दूसरे ने कहा कि लूट एक कठोर शब्द है. जो लोग खाने की जरूरी चीज़ें खरीदने के लिए संघर्ष करते हैं, उनके लिए घी एक दुर्लभ लग्ज़री है. इसे इकट्ठा करना अपराध से ज़्यादा गरीबी को दिखाता है.
 
दूसरों ने ज़्यादा दार्शनिक नज़रिया अपनाया. एक कमेंट करने वाले ने कहा, ‘लूट’ शब्द अंग्रेजों ने भारत से लिया था, और यहां हम इसे सचमुच जी रहे हैं – फेंकी हुई मिठाइयों से लेकर गिरे हुए घी तक. एक और ने इस अजीब बात पर ध्यान दिलाया कि जब प्रसाद का सामान सड़क किनारे लुढ़ककर आपके दरवाज़े तक आ जाए, तो मंदिर जाने की क्या ज़रूरत है? इस हालत में, घी से भी बड़ी अजीब बात यह है कि इसे लूट कहा जा रहा है.

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Written By: Shristi S
Last Updated: 2026-03-10 18:03:06

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Tirumala Temple Ghee Tanker Overturn: पुणे से तिरुमाला मंदिर जा रहा एक टैंकर रविवार रात कडप्पा जिले के कोंडापुरम मंडल में चित्रावती पुल के पास पलट गया. इस हादसे में लगभग 21,000 लीटर घी बह गया, जो मंदिर में चढ़ावे के लिए था. पुलिस ने बताया कि पुल पार करने के तुरंत बाद ड्राइवर ने गाड़ी पर से कंट्रोल खो दिया, जिससे वह पलट गई. ड्राइवर और क्लीनर दोनों को मामूली चोटें आईं.
 

घी का टैंकर कहां पलटा?

पुणे से तिरुमाला मंदिर जा रहा 21,000 लीटर घी ले जा रहा एक टैंकर रविवार रात कडप्पा के चित्रावती पुल के पास पलट गया, जिससे स्थानीय लोग बहते हुए घी को इकट्ठा करने लगे, जिससे ऑनलाइन गरीबी बनाम लूटपाट पर बहस छिड़ गई. जैसे ही खबर फैली, स्थानीय लोग अधिकारियों के आने से पहले गिरे हुए घी को इकट्ठा करने के लिए बाल्टियां और कंटेनर लेकर मौके पर पहुंच गए. बाद में पुलिस ने व्यवस्था ठीक करने और आगे इकट्ठा होने से रोकने के लिए दखल दिया. मामला दर्ज कर लिया गया है, और जांच चल रही है. जमीन से गिरे हुए घी को इकट्ठा करते लोगों के वीडियो सोशल मीडिया साइट्स पर वायरल हो गए हैं.
 

देखें वीडयो




वायरल वीडियो देखने के बाद क्या है यूजर्स का रिएक्शन?

गांववालों के घी उठाते हुए वीडियो तेज़ी से वायरल हो गए, जिससे ऑनलाइन गरमागरम बहस छिड़ गई. कुछ यूज़र्स ने इस घटना को लूट बताया, जबकि दूसरों ने इस शब्द पर कड़ी आपत्ति जताई. आलोचकों का कहना था कि इसे लूट कहना गरीब गांववालों को गलत तरीके से बदनाम कर रहा है, जो बस उस चीज़ को बचा रहे थे जो वरना बर्बाद हो जाती. एक यूज़र ने कहा कि यह लूट नहीं है. घी पहले ही गिर चुका था; वे बस बचा हुआ घी उठा रहे थे. दूसरे ने कहा कि लूट एक कठोर शब्द है. जो लोग खाने की जरूरी चीज़ें खरीदने के लिए संघर्ष करते हैं, उनके लिए घी एक दुर्लभ लग्ज़री है. इसे इकट्ठा करना अपराध से ज़्यादा गरीबी को दिखाता है.
 
दूसरों ने ज़्यादा दार्शनिक नज़रिया अपनाया. एक कमेंट करने वाले ने कहा, ‘लूट’ शब्द अंग्रेजों ने भारत से लिया था, और यहां हम इसे सचमुच जी रहे हैं – फेंकी हुई मिठाइयों से लेकर गिरे हुए घी तक. एक और ने इस अजीब बात पर ध्यान दिलाया कि जब प्रसाद का सामान सड़क किनारे लुढ़ककर आपके दरवाज़े तक आ जाए, तो मंदिर जाने की क्या ज़रूरत है? इस हालत में, घी से भी बड़ी अजीब बात यह है कि इसे लूट कहा जा रहा है.

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