वीडियो में क्या दिखाया गया है?
An Indian traveller exposes the reality of Europe.
Filth on the streets, illegal immigrants, attacks on women and police on New Year, rampant crime after dark…
One spends 10,000-12,000 dollars to go and see all that? pic.twitter.com/MCKnE53Jkc— Abhijit Majumder (@abhijitmajumder) January 8, 2026
सिंह आगे कहते हैं कि 10 लाख रुपये से ज़्यादा खर्च करने के बाद, आप यह देखने के लिए यूरोप आ रहे हैं. आप यह सब भारत में ही देख सकते हैं. वह आगे कहते हैं कि हकीकत यह है: जापान, चीन, ताइवान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया और सिंगापुर जैसे पूर्वी देश अभी टूरिज्म, इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट के मामले में दुनिया का नेतृत्व कर रहे हैं. यूरोप और पश्चिमी दुनिया अपना रुतबा खो रहे हैं और यही सच्चाई है.
यूरोप में कुप्रबंधन के दावे
यूजर्स की प्रतिक्रियाओं से छिड़ी ऑनलाइन बहस
एक और यूज़र ने लिखा कि ऐसी गंदगी के लिए आपके ही देश के लोगों के ज़िम्मेदार होने की संभावना ज़्यादा है. ज़्यादातर स्थानीय लोग ऐसी चीज़ों के लिए पूर्वी एशियाई और अप्रवासियों को दोषी ठहराते हैं. इसलिए दूसरे देशों की बुराई करना बंद करें और घर पर रहें. एक और कमेंट सामने आया जिसमें एक यूज़र ने लिखा कि इसका मुख्य कारण भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और सभी अफ्रीकी देशों जैसे देशों से आए अप्रवासी हैं. तीसरी दुनिया के लोगों को लाओ और तुम तीसरी दुनिया बन जाओगे.