Europe Travel Reality Viral Video: सोशल मीडिया के इस दौर में हर चीजें काफी तेजी से वायरल होती है. जिसको देख हम कभी-कभी काफी हंसते है, तो कभी-कभी वहीं चीज एक सीख बनकर हमारे सामने आती है. इसी कड़ी में बात करेंगे एक ऐसे यात्री के वीडियो के बारे में जो यूरोप का दूसरा पहलू दिखा रहा है. इस वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई. भारतीय ट्रैवल व्लॉगर प्रतीक सिंह ने कचरे से भरी सड़कों और भीड़भाड़ वाले इलाकों का फुटेज शेयर किया है, जिसमें यूरोप का एक ऐसा रूप दिखाया गया है जो उन खूबसूरत तस्वीरों और वीडियो जैसा बिल्कुल नहीं है जो हम आमतौर पर देखते हैं. ऐसे में चलिए विस्तार से जानें कि इस वीडियो में क्या दिखाया गया है और वीडियो देखने के बाद यूजर्स का रिएक्शन देखने को मिला? वीडियो में क्या दिखाया गया है? भारतीय ट्रैवल व्लॉगर प्रतीक सिंह के वीडियो में सड़कें कचरे से भरी दिख रही हैं. सिंह बताते हैं कि शेंगेन वीज़ा पाने के लिए, यात्रियों को छह महीने के बैंक स्टेटमेंट, तीन महीने का ITR, दूसरे डॉक्यूमेंट्स जमा करने होते हैं और साथ ही महंगी फ्लाइट टिकट के लिए भी पैसे देने पड़ते है. फिर भी, उनके अनुसार, यूरोप के पास "भारी कचरे वाली सड़कों, अपराध और कुप्रबंधन के अलावा देने के लिए कुछ नहीं है. An Indian traveller exposes the reality of Europe.Filth on the streets, illegal immigrants, attacks on women and police on New Year, rampant crime after dark…One spends 10,000-12,000 dollars to go and see all that? pic.twitter.com/MCKnE53Jkc — Abhijit Majumder (@abhijitmajumder) January 8, 2026 सिंह आगे कहते हैं कि 10 लाख रुपये से ज़्यादा खर्च करने के बाद, आप यह देखने के लिए यूरोप आ रहे हैं. आप यह सब भारत में ही देख सकते हैं. वह आगे कहते हैं कि हकीकत यह है: जापान, चीन, ताइवान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया और सिंगापुर जैसे पूर्वी देश अभी टूरिज्म, इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट के मामले में दुनिया का नेतृत्व कर रहे हैं. यूरोप और पश्चिमी दुनिया अपना रुतबा खो रहे हैं और यही सच्चाई है. यूरोप में कुप्रबंधन के दावे भारतीय ट्रैवल व्लॉगर प्रतीक सिंह यूरोप में कुप्रबंधन के बारे में भी बात करते हैं, जिसमें उस घटना का ज़िक्र किया गया है जब डच फुटबॉल टीम अजाक्स को ग्रोनिंगन के खिलाफ अपना मैच रोकना पड़ा क्योंकि आतिशबाजी से अफरा-तफरी मच गई थी. वह चोरी, डकैती और अवैध प्रवासियों द्वारा यूरोप की सड़कों पर भीड़ बढ़ाने के बारे में बढ़ती चिंताओं का भी ज़िक्र करते हैं. यूजर्स की प्रतिक्रियाओं से छिड़ी ऑनलाइन बहस यह वीडियो कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया है. एक यूज़र ने लिखा कि सड़कों पर गंदगी, अवैध अप्रवासी, नए साल पर महिलाओं और पुलिस पर हमले, अंधेरा होने के बाद बड़े पैमाने पर अपराध. कोई यह सब देखने के लिए 10,000-12,000 डॉलर क्यों खर्च करेगा? एक अन्य यूजर ने सिंह के वीडियो पर कमेंट किया कि मैं नीदरलैंड में रहता हूं और मैं पूरी तरह सहमत हूं कि सेंट्रल एम्स्टर्डम के टूरिस्ट वाले हिस्से गंदे हैं. लेकिन मैंने कभी सुरक्षा संबंधी समस्याएं नहीं देखीं और जो हिस्से टूरिस्ट वाले नहीं हैं, वे बहुत साफ और सुंदर हैं.एक और यूज़र ने लिखा कि ऐसी गंदगी के लिए आपके ही देश के लोगों के ज़िम्मेदार होने की संभावना ज़्यादा है. ज़्यादातर स्थानीय लोग ऐसी चीज़ों के लिए पूर्वी एशियाई और अप्रवासियों को दोषी ठहराते हैं. इसलिए दूसरे देशों की बुराई करना बंद करें और घर पर रहें. एक और कमेंट सामने आया जिसमें एक यूज़र ने लिखा कि इसका मुख्य कारण भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और सभी अफ्रीकी देशों जैसे देशों से आए अप्रवासी हैं. तीसरी दुनिया के लोगों को लाओ और तुम तीसरी दुनिया बन जाओगे.