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Towel Dance School Viral Video: पश्चिम बंगाल के एक स्कूल के सांस्कृतिक कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और इसने एक तीखी बहस छेड़ दी है. इस क्लिप में लड़कियों का एक ग्रुप तौलिए लपेटकर डांस करते हुए दिख रहा है. यह कार्यक्रम कथित तौर पर कोलकाता के जीवन ज्योति मॉडल स्कूल में हुआ था.
ऑनलाइन कई लोगों ने दावा किया कि यह डांस ‘तौलिया डांस’ जैसा लग रहा था. यह बात वीडियो के साथ-साथ बड़े पैमाने पर शेयर की गई. कुछ यूज़र्स ने कहा कि उन्हें हैरानी हुई कि स्कूल के सांस्कृतिक कार्यक्रम में इस तरह का डांस हुआ, जहां कई छात्र मौजूद थे. कई दर्शकों ने सवाल उठाया कि स्कूल के बच्चों के लिए आयोजित कार्यक्रम में इस तरह के डांस की इजाज़त क्यों दी गई. उन्होंने तर्क दिया कि स्कूलों को ऐसी गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए जो सीखने, अनुशासन और अच्छे मूल्यों को बढ़ावा दें. इन्हीं चिंताओं के चलते, यह वीडियो जल्द ही ऑनलाइन चर्चा का एक बड़ा विषय बन गया.
वायरल वीडियो में क्या दिखा?
वायरल वीडियो में, छात्र मंच पर डांस करते हुए दिख रहे हैं, जबकि बैकग्राउंड में संगीत बज रहा है. मंच के पीछे लगा एक बैनर साफ तौर पर स्कूल का नाम दिखा रहा है. दर्शकों में बैठे कई बच्चे भी इस परफॉर्मेंस को देखते हुए दिख रहे हैं. यह छोटा सा क्लिप तेजी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैल गया और अब कई यूज़र्स की तरफ से इस पर कड़ी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.
‘Jeeban Jyoti Model School’ की तरफ़ से पेश है रंगारंग कार्यक्रम…जो फुहड़ता और अश्लिलता की सारी हदें पार कर रहा है.
इस तरह एक डांस आयोजन से बचना चाहिए! pic.twitter.com/grUH7YmA6W
— Shoonya (@Shoonya_ydv) March 14, 2026
वीडियो देख फूटा यूजर्स का गुस्सा
वायरल क्लिप के बाद टिप्पणियों और प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. कई यूज़र्स ने कड़ी और गुस्से भरी टिप्पणियां कीं. कुछ ने इस परफॉर्मेंस को स्कूल के माहौल के लिए अनुचित बताया और कहा कि आयोजकों को इसके लिए ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए.
कुछ यूज़र्स ने कड़ी कार्रवाई की मांग की और अधिकारियों से इस घटना की जांच करने को कहा. दूसरों ने सवाल उठाया कि कार्यक्रम के दौरान किसी ने इस परफॉर्मेंस को रोका क्यों नहीं. कुछ टिप्पणियों में स्कूल प्रशासन की भी आलोचना की गई और पूछा गया कि जब दर्शकों में इतने सारे बच्चे मौजूद थे, तो आयोजकों ने इस तरह के शो की इजाज़त क्यों दी.
यूज़र्स के बीच मिली-जुली प्रतिक्रियाएं और बहस
हालांकि कई टिप्पणियां आलोचनात्मक थीं, लेकिन कुछ यूज़र्स ने अलग राय भी रखी. कुछ ने कहा कि लोग ज़रूरत से ज़्यादा प्रतिक्रिया दे रहे हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में डांस परफॉर्मेंस आम बात है. दूसरों ने बताया कि इसी तरह के डांस अक्सर फिल्मों और टीवी शो में दिखाए जाते हैं, जिन्हें परिवार एक साथ देखते हैं. उनके अनुसार, सिर्फ छात्रों को दोष देना शायद सही नहीं होगा.
एक सोशल मीडिया यूज़र ने सुझाव दिया कि हो सकता है कि यह कार्यक्रम पूरी तरह से स्कूल द्वारा आयोजित न किया गया हो. यूज़र ने दावा किया कि किसी स्थानीय क्लब ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया हो सकता है और स्कूल का बैनर शायद स्पॉन्सरशिप की वजह से इस्तेमाल किया गया हो. हालांकि, इस दावे की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है.
स्कूल के माहौल को लेकर उठे सवाल
मिली-जुली प्रतिक्रियाओं के बावजूद, ऑनलाइन कई लोगों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि स्कूलों को बच्चों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक जगह बने रहना चाहिए. उन्होंने तर्क दिया कि स्कूलों में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों का ज़ोर संगीत, नाटक और पारंपरिक नृत्य जैसी रचनात्मक गतिविधियों पर होना चाहिए.