देश की शान मानी जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस एक बार फिर खाने की खराब गुणवत्ता को लेकर सुर्खियों में है. एक महिला यात्री ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि ट्रेन का लंच खाने से उन्हें एलर्जी हो गई, जबकि उनके दो साल के बेटे को दस्त की शिकायत हुई.
महिला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर यह घटना काफी वायरल हो रही है. ये घटना रेलवे की सुविधाओं पर सवाल उठा रही है कि जब वंदे भारत जैसी ट्रेनों का हाल ऐसा है तो बाकी ट्रेनों का क्या हाल होगा.
घटना का पूरा विवरण
27 मार्च 2026 को वाराणसी से देवघर जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 22500) के कोच E1 में सफर कर रही महिला ने बताया कि लंच खाते ही उनके होंठ सूज गए. कुछ ही मिनटों में एलर्जी के लक्षण दिखने लगे, जिसकी तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर कीं. डॉक्टर की मेडिकल रिपोर्ट में भी इलाज का जिक्र है, जो इसकी पुष्टि करता है. महिला का कहना है कि समय पर इलाज न मिलता तो हालत और बिगड़ सकती थी.
खराब खाने का असर बच्चे पर भी हुआ. महिला के साथ यात्रा कर रहे उनके दो साल के बेटे को भी उसी खाने से दस्त हो गए. सफर के दौरान बच्चा बेहद परेशान रहा, जिससे पूरा परिवार त्रस्त हो गया. 24 घंटे के अंदर अस्पताल ले जाकर इलाज कराया गया, तब जाकर हालत सुधरी. इसके अलावा, ट्रेन में परोसे गए पीने के पानी का स्वाद भी असामान्य बताते हुए उन्होंने सवाल उठाए. यह घटना यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है.
भोजन या स्लो पॉइजन!
वाराणसी-देवघर वंदेभारत एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान 27 मार्च को इस महिला ने जो भोजन किया वह इसे रिएक्शन कर गया. तस्वीर आपके सामने हैं
मेडिकल दस्तावेजों के साथ रेलवे से शिकायत की गई है pic.twitter.com/hxcldiuhp3
— Narendra Pratap (@hindipatrakar) March 31, 2026
सोशल मीडिया पर बरपा हंगामा
X पर शेयर की गई तस्वीरों और मेडिकल रिपोर्ट ने इस मामले को वायरल कर दिया. नेटीजन्स रेलवे की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं. कई यूजर्स ने लिखा, “प्रीमियम ट्रेन में ऐसी सुविधा? शर्मनाक!” जबकि अन्य कई यूजर्स ने तत्काल जांच की मांग की.
IRCTC ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि उस दिन के खाने की जांच हुई थी और वह पूरी तरह सुरक्षित पाया गया. उन्होंने X पर पोस्ट किया कि उसी दिन किसी अन्य यात्री से शिकायत नहीं मिली. हालांकि, महिला इससे सहमत नहीं हुईं और बोलीं कि बाकी न बीमार हुए हों, लेकिन उनका और बच्चे का नुकसान हुआ है. बाद में IRCTC ने डायरेक्ट मैसेज से पूरी डिटेल मांगी और जांच का भरोसा दिया है.