100 से ज्यादा बीमारियों का काल है यह पेड़! महिलाओं के लिए अमृत समान, फल खाने से हड्डियों में आएगी जान
Gular Health Benefits: आयुर्वेद में तमाम ऐसे पेड़-पौधों का जिक्र है, जो सेहत के लिए औषधि का काम करते हैं. ये होते तो हमारे आसपास ही हैं, लेकिन जानकारी न होने से हम इनका लाभ नहीं ले पाते हैं. आज हम एक ऐसे ही पौधे के बारे में बताएंगे, जो सिर से पांव तक औषधीय गुणों से भरपूर है. यह 100 से ज्यादा बीमारियों को कंट्रोल करने की क्षमता रखता है. जी हां, इस पौधे का नाम गूलर का पेड़ है. कई जगह इसको ऊमर का पेड़ भी कहा जाता है. यह कई बीमारियों में कारगर होने से इसे दवाओं का कॉम्बो पैक कहा जा सकता है. आयुर्वेद इसका इस्तेमाल वर्षों से करता आ रहा है. इस पेड़ के फल यानी गूलर बिना फोड़े खाना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. क्योंकि, गूलर को फोड़कर खाने से इसमें हवा लगते ही कीड़े पड़ जाते हैं. अब सवाल है कि आखिर, गूगर के फायदे क्या हैं? किन बीमारियों में गूगर का कौन सा भाग फायदेमंद? आइए जानते हैं इस बारे में-
गूलर किन-किन बीमारियों की काट
आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय लखनऊ की डॉ. शचि श्रीवास्तव बताती हैं कि, अंजीर की तरह दिखने वाले गूलर को खाने से शरीर को ताकत मिलती है और हड्डियों में जान आ जाती है. इसकी छाल को जलाकर राख को कंजी के तेल के साथ पाइल्स के उपचार में प्रयोग करते हैं. इस पौधे के दूध का प्रयोग चर्म रोगों में रामबाण माना जाता है. यह महिलाओं के लिए भी फायदेमंद है.
पेट दर्द में फायदेमंद
आयुर्वेदाचार्य के मुताबिक, पेट में दर्द और गैस की समस्या होने पर गूलर के फलों का सेवन किया जा सकता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व परेशानी को खत्म कर सेहत को लाभ पहुंचाते हैं. यही वजह है कि गूलर को खाने की सलाह दी जाती है.
डायबिटीज कंट्रोल करे
ब्लड शुगर में भी गूगर बेहद उपयोगी माना जाता है. इस बीमारी से निजात पाने के लिए इस पेड़ के छिलकों का इस्तेमाल किया जाता है. इसके लिए गूलर के छिलकों के पाउडर में मिश्री मिलाकर गाय के दूध के साथ सुबह-शाम 6-6 ग्राम खाने से डायबिटीज कंट्रोल होती है.
घाव भरे उपयोगी
गूलर का पेड़ घाव ठीक करने में भी उपयोगी माना जाता है. इसके लिए आपको गूलर के दूध का इस्तेमाल करना है. आपको इसके लिए रुई में गूलर का दूध लेकर घाव पर लगाना है. ऐसा करने से कुछ ही दिन में जख्म भर सकता है.
नकसीर में असरदार
गर्मियों में नकसीर फूटने की समस्या देखी जाती है. इस समस्या होने पर नाक से खून आने लगता है. ऐसी स्थिति में गूलर की छाल कारगर साबित हो सकती है. इसका इस्तेमाल करने के लिए 20-25 ग्राम गूलर की छाल को पानी में पीसकर तालु पर लगाना चाहिए.
कमज़ोरी दूर करे
अगर शरीर में कमज़ोरी महसूस होती हो तो आप इसके लिए गूलर के फल की मदद ले सकते हैं. इसके लिए आप गूलर के सूखे फल को पीस कर पाउडर बना लें और इसका दस ग्राम की मात्रा में सेवन करें. ऐसा करने से हड्डियों को मजबूती मिलती है. साथ ही शरीर हमेशा यंग रहता है.
ब्लीडिंग रोके
यदि किसी के शरीर के किसी भी अंग से खून आ रहा है या पीरियड के समय हैवी ब्लीडिंग हो रही है तो गूलर की मदद ली जा सकती है. इसका इस्तेमाल करने के लिए गूलर के दो-तीन पके हुए फलों को चीनी या खांड़ के साथ खाना होगा. ऐसा करने से जल्द आराम मिल सकती है.
ल्यूकोरिया में असरदार
महिलाओं में ल्यूकोरिया की बीमारी होने पर आप गूलर के रस की मदद ले सकती हैं. इसके लिए गूलर के 5 ग्राम रस को मिश्री के साथ मिलाकर पिया जा सकता है. साथ ही गूलर की जड़ के पानी का सेवन करने से गर्भवती स्त्री को होने वाले दस्त की समस्या से निजात मिलता है.
आंख-कान दर्द में असरदार
गूलर के दूध का लेप आंखों पर लगाने से आंखों का दर्द दूर होता है. वहीं, कान के दर्द की समस्या होने पर गूलर और कपास के दूध को मिलाकर लगाने पर कान का दर्द ठीक हो जाता है.