Mughal harem: मुगल हरम में खूबसूरत महिलाओं के साथ क्या करते थे बादशाह? 9 खुलासे कर देंगे हैरान
Mughal Harem 9 Sensational Revelations: मुगल हरम (जिसे जनानखाना भी कहा जाता है) का एक सच यह भी है कि यह बादशाहों की अय्याशी का अड्डा भी कहा जाता है. मुगल बादशाह अपनी सहूलियत के साथ ही जरूरत महसूस होने पर उनके साथ शारीरिक संबंध ही बनाते थे. इनमें शाहजहां भी शामिल था. इस स्टोरी में हम जिक्र करेंगे मुगल बादशाह शाहजहां का, जिसने अपनी बेगम मुमताज की याद में ताज महल बनवाया, जो विश्व के 7 अजूबों में शामिल है.
मुगल हरम में नहीं होता था महिलाओं से अच्छा सलूक
मुगल हरम के पक्ष में भले ही कुछ इतिहासकार अच्छी और सकारात्मक बातें कहें, लेकिन सच यही है कि यहां पर महिलाओं-युवतियों के साथ प्यार से सलूक तो नहीं ही किया जाता था.
तोहफे में देता था खूबसूरत हिंदू लड़कियां
इतिहासकार वी. स्मिथ ने लिखा है कि शाहजहां अक्सर अपने मंत्रियों और रिश्तेदारों को खुश होकर पुरस्कार के रूप में खूबसूरत हिंदू युवतियों को सौंप देता था.
दिल्ली के रेड एरिया में जाती थी उपेक्षित महिलाएं
'अकबर दी ग्रेट मुगल' इतिहासकार वी.स्मिथ पृष्ठ संख्या 359 में लिखते हैं- 'मुगल हरम से भगाई गई महिलाओं से दिल्ली का रेडलाइट एरिया जीबी रोड गुलजार हुआ था. कहां तो यह भी जाता है कि मुगल हरम से बेदखल की गईं महिलाओं-युवतियों ने ही दिल्ली के जीबी रोड पर 'धंधे' की शुरुआत की.
मुगल हरम में रहती थीं 8000 युवतियां-लड़कियां
इतिहासकार भले ही स्वीकार ना करें, लेकिन शाहजहां भी अन्य मुगल शासकों की तरह अय्याश था. कहा जाता है कि शाहजहां के हरम में 8000 रखैलें थीं. इनमें कई तो बहुत खूबसूरत थी. ये 8000 लड़कियां-महिलाएं पिता जहांगीर से विरासत में मिली थी.
अनैतिक कृत्य भी होते थे मुगल हरम में
इस दौरान मुगल हरम में रह रही महिलाओं की इच्छा का कोई महत्व नहीं रहता था. मुगल हरम के सख्त नियम और सुरक्षा ही से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां पर अनैतिक कृत्य ही किए जाते थे.
मुगल हरम की बातें नहीं आती थीं बाहर
यह सवाल भी उठता रहा है कि मुगल हरम में पुरुषों का प्रवेश क्यों वर्जित था. यहां पर केवल बादशाह ही जा सकते थे. क्या कुछ छिपाने की कोशिश की जाती थी.
हवस का पुजारी शाहजहां
शाहजहां हवस का पुजारी था और वह जबरन अगवा की हुई हिंदू महिलाओं के साथ भी शारीरिक संबंध बनाता था.
नजदीकी भी तय करती थी शारीरिक संंबंध का पैमाना
मुगल हरम में रानियों का रुतबा उनकी बादशाह से नजदीकी के हिसाब से तय होता था, जो अक्सर दरबार की राजनीति में अहम भूमिका निभाती थीं. मुगल बादशाह शाहजहां की बात करें तो वह अपने मूड और मिजाज के हिसाब से युवतियों को शारीरिक संबंध बनाने के लिए चुनता था.
बूढ़ी औरतों को कर दिया जाता था हरम से बाहर
कहा जाता है कि शाहजहां ने अपने हरम से उन बदसूरत और बूढ़ी महिलाओं को बेदखल कर दिया था. इसके बाद हिंदू परिवारों से युवतियों और महिलाओं को लाता था.