इस एक्ट्रेस के नाक पर रहता था गुस्सा, एक्टर को जान से मारने से मारने की दे डाली थी धमकी, बर्बाद हो गया करियर
80 के दशक के आखिर और 90 के दशक की शुरुआत की मशहूर अभिनेत्रियों में से एक, फराह नाज़ को उनकी आकर्षक शख्सियत और स्टाइल के लिए बहुत पसंद किया जाता था। अभिनेत्री तब्बू की बड़ी बहन और शबाना आज़मी की भतीजी, फराह ने महज़ 17 साल की उम्र में शोबिज़ में कदम रखा और ‘ईमानदार’, ‘नसीब अपना अपना’, ‘यतीम’ और ‘खुदा गवाह’ जैसी फिल्मों के ज़रिए अपनी बहुमुखी प्रतिभा को साबित किया. लेकिन अपने गुस्से की वजह से उन्हें कम समय में ही फिल्मों में काम मिलना बंद हो गया. आइये जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ प्रमुख बातें!
फराह नाज़ कौन हैं?
फराह नाज़ या फराह एक समय की बॉलीवुड की सुपरहिट हीरोइन रही हैं, जिन्होंने 1980-90 के दशक में कई पॉपुलर फिल्मों में काम किया. वे अभिनेत्री तब्बू की बड़ी बहन भी हैं और उनके परिवार में कला-संस्कृति के प्रति विशेष रूचि रही है. उनका असली नाम फराह नाज़ हाशमी (फराह) है और वे तेलंगाना के हैदराबाद में जन्मी हैं. उन्होंने यश चोपड़ा की फिल्म “फासले” (1985) से बॉलीवुड में डेब्यू किया, जहां उनकी खूबसूरती और एक्टिंग ने लोगों का ध्यान खींचा.
बॉलीवुड में करियर
फराह नाज़ ने करीब 1985 से लगभग 1996 तक बॉलीवुड में सक्रिय रूप से काम किया. इस दौरान उनकी कई फिल्में रिलीज हुईं, जिनमें “नसीब अपना अपना”, “इमांदार”, “यतीम”, “घर–घर की कहानी”, “बेगुनाह”, “बाप नंबरी बेटा दस नंबरी” और “सौतेला भाई” जैसी सुपरहिट फ़िल्में शामिल हैं. उन्होंने उस दौर के तमाम बड़े हीरो राजेश खन्ना, रिशि कपूर, सनी देओल, गोविंदा, अमिताभ बच्चन, जैकी श्रॉफ, सनी देओल, आदि के साथ काम किया है. स्क्रीन पर उन्हें खासकर ऊर्जावान, बोल्ड और जोशीली भूमिकाओं के लिए याद किया जाता है.
निजी जीवन और शादी
फराह नाज ने दो शादियाँ कीं, जिन्हें लेकर भी खूब चर्चा हुई. उनकी पहली शादी पहलवान दारा सिंह के बेटे विंदू दारा सिंह से हुई, लेकिन यह रिश्ता ज़्यादा समय नहीं चल पाया और कुछ साल बाद तलाक हो गया. उसके बाद उन्होंने एक्टर सुमित सहगल से दूसरी शादी की, लेकिन वो भी ज्यादा टिक नहीं पाई. इन दोनों शादी‑तलाक के अनुभवों ने उनकी भावनात्मक ज़िंदगी पर गहरा असर छोड़ा और कई इंटरव्यू में उन्होंने इसके बारे में खुलकर बात की है.
गुस्से ने बिगाड़ा फिल्मी करियर
कई रिपोर्ट्स और इंटरव्यू के अनुसार, फराह नाज़ का स्वभाव बहुत गुस्सैल और चिड़चिड़ा रहा है. उनके बारे में कई बार मीडिया में लिखा गया कि उनका तेज तपाक और सेट पर सीधा‑सीधा रवैया उनके लिए नुकसानदायक साबित हुआ. एक अहम घटना के तौर पर इस बात का ज़िक्र आता है कि एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्होंने एक साथी अभिनेता को बुरी तरह से गालियाँ देने और थप्पड़ मारने की कोशिश की. इस वजह से उनसे दूरी बनाने वालों की संख्या बढ़ी और फिल्म निर्माताओं का उन पर भरोसा कम होता गया.
करियर का पतन और बॉलीवुड से दूरी
फराह नाज़ का करियर जितनी तेजी से शुरू हुआ उतनी ही तेजी से उनका करियर खत्म भी हुआ. उनके निजी जीवन की उथल‑पुथल, शादी‑तलाक और खासकर गुस्से की प्रवृत्ति के कारण बनी नेगेटिव इमेज ने धीरे‑धीरे उनके फिल्म ऑफर कम कर दिए. 1990 के दशक के अंत तक वे बड़ी स्क्रीन से दूर हो गईं और बाद में वो केवल कुछ सीमित टेलीविज़न और टेलीफिल्म में काम करती दिखीं.
फराह नाज़ की वर्तमान ज़िंदगी
आज फराह नाज़ जाने‑माने चेहरे की तरह पब्लिक में नहीं, बल्कि एक प्राइवेट जीवन जीती महिला के रूप में रहना पसंद करती हैं. कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि वे अब भारत में रहते हुए खास तौर से फिल्मी चकाचौंध से दूर हैं और अपने परिवार और व्यक्तिगत शांति पर ध्यान देती हैं.