Live
Search
  • Home>
  • Photos»
  • Aditi Govitrikar: प्रियंका-लारा को फ्लैट और कार मिले, मुझे सिर्फ गुलदस्ता! मिसेज वर्ल्ड अदिति गोवित्रिकर ने खोला ग्लैमर और उत्पीड़न का काला चिट्ठा

Aditi Govitrikar: प्रियंका-लारा को फ्लैट और कार मिले, मुझे सिर्फ गुलदस्ता! मिसेज वर्ल्ड अदिति गोवित्रिकर ने खोला ग्लैमर और उत्पीड़न का काला चिट्ठा

2001 में इतिहास रचने वाली भारत की पहली मिसेज वर्ल्ड, पेशे से डॉक्टर और मनोवैज्ञानिक अदिति गोवित्र‍िकर अपने दिए गए इंटरव्यू के बाद चर्चा में हैं. उन्होंने कहा, “प्रियंका और लारा को कार-फ्लैट मिले, मुझे सिर्फ एक गुलदस्ता! ग्लैमर के पीछे छिपे इसी भेदभाव और बचपन के खौफनाक संघर्षों पर अदिति ने अब चौंकाने वाली चुप्पी तोड़ी है. 

Last Updated: January 27, 2026 | 3:09 PM IST
पहली भारतीय 'मिसेज वर्ल्ड' का गौरव - Photo Gallery
1/7

पहली भारतीय 'मिसेज वर्ल्ड' का गौरव

साल 2001 में अदिति गोवित्र‍िकर ने 'मिसेज वर्ल्ड' का खिताब जीतकर भारत का नाम रोशन किया था. इसके बाद उन्होंने 'सोच', '16 दिसंबर' और 'दे दना दन' जैसी फिल्मों से बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई, लेकिन इस ग्लैमर के पीछे एक गहरा दर्द छिपा था.

priyanka chopda and lara dutta - Photo Gallery
2/7

प्रियंका और लारा जैसी शोहरत न मिलने का दुख

अदिति ने साझा किया कि उनके साथ ही मिस वर्ल्ड बनीं प्रियंका चोपड़ा और मिस यूनिवर्स लारा दत्ता को इंडस्ट्री में बहुत मौके मिले. अदिति को मलाल है कि उन्हें वैसी शोहरत और अवसर नहीं मिल पाए, जिसकी वे हकदार थीं.

aditi govitrikar - Photo Gallery
3/7

बचपन का वो खौफनाक सच

अदिति ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि जब वह महज 6-7 साल की थीं, तब उनके पिता के एक दोस्त ने उनके साथ गलत व्यवहार किया था. उस मासूम उम्र में हुए इस यौन शोषण ने उनके मन पर गहरा घाव छोड़ दिया.

aditi govitrikar - Photo Gallery
4/7

पनवेल से दादर तक का वो डरावना सफर

पढ़ाई के लिए जब अदिति पनवेल से मुंबई जाने लगीं, तो सुरक्षा उनकी सबसे बड़ी चिंता बन गई. बस के सफर के दौरान उन्हें कई बार परेशान करने वाली घटनाओं का सामना करना पड़ा, जिसने उन्हें जिंदगी के कड़वे सबक सिखाए.

aditi govitrikar - Photo Gallery
5/7

बैग और हार्डकवर किताबों से बनाई 'ढाल'

खुद को सुरक्षित रखने के लिए अदिति बस में दोनों तरफ बड़े बैग रखती थीं. इन बैगों में वे हार्डकवर किताबें रखती थीं ताकि कोई उन्हें गलत तरीके से छू न सके. सीट मिलने पर भी वे बैग्स को ढाल की तरह इस्तेमाल करती थीं.

aditi govitrikar - Photo Gallery
6/7

अपनों की पहचान और बाजार की वो घटना

अदिति कहती हैं कि अक्सर लड़कियां अपनों का ही शिकार होती हैं. उन्होंने याद किया कि कैसे बाजार में हुई एक घटना ने उन्हें हिला दिया था. तब वे इतनी छोटी थीं कि समझ नहीं पाईं, पर अपमान का वो एहसास आज भी उनके साथ है.

aditi govitrikar - Photo Gallery
7/7

आज भी पीछा करता है 'PTSD'

49 साल की उम्र में भी अदिति उन यादों से उबर नहीं पाई हैं. वे कहती हैं कि उन्हें PTSD है अगर आज भी कोई सार्वजनिक स्थान पर उनके बहुत करीब आता है, तो उनका शरीर तुरंत रक्षात्मक प्रतिक्रिया देता है और वे उसे दूर धकेलने को तैयार रहती हैं.