आखिर क्यों आर.डी. बर्मन की मृत्यु के बाद आशा भोसले उनके कमरे में नहीं गईं, वजह जान हो जाएंगे हैरान
Asha Bhosle: भारत की दिग्गज गायिका आशा भोसले का 12 अप्रैल 2026 को निधन हो गया. उन्होंने 92 साल की उम्र में अपनी अंतिम सांस ली. उनकी मृत्यु से एक दिन पहले उन्हें कमजोरी और सीने में संक्रमण के कारण मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई. उनके निधन के बाद उनके पति आर.डी बर्मन (राहुल देव बर्मन) के साथ उनके भावुक पलों की चर्चा तेज हो गई है. दोनों की लव स्टोरी एक बार फिर चर्चा में बनी हुई है.
आशा भोसले ने की दो बार शादी
जानकारी के अनुसार, आशा भोसले ने दो बार शादी की. पहली बार उनकी शादी गणपतराव भोसले से साल 1949 में हुई थी. हालांकि उनका वैवाहिक जीवन ठीक नहीं था, जिसके कारण 1960 में दोनों अलग हो गए. उनकी ये शादी 16 साल की उम्र में उनकी मर्जी के खिलाफ की गई थी.
आर.डी बर्मन के साथ चर्चा में लव स्टोरी
इसके बाद उन्होंने 47 साल की उम्र में खुद से 6 साल छोटे आरडी बर्मन से दूसरी शादी की थी. 4 जनवरी 1994 में दिल का दौरा पड़ने से RD बर्मन की मौत हो गई थी. आशा भोसले और आरडी बर्मन की लव स्टोरी काफी चर्चा में भी रही थी.
पार्थिव शरीर देखने से किया इनकार
उनकी मृत्यु से आशा भोसले इतनी परेशान हो गई थीं कि उन्होंने बर्मन का पार्थिव शरीर देखने तक से इनकार कर दिया था. उन्होंने कहा था कि वे आर.डी बर्मन को इस हालत में नहीं देख सकतीं.
बर्मन की मौत के बाद कमरे में नहीं गईं आशा
उन्होंने कहा था कि वे उस कमरे में नहीं जाना चाहतीं क्योंकि वे बर्मन को मरा हुआ नहीं देख सकतीं. वे उन्हें जिंदा देखना चाहती थीं. कहा जाता है कि बर्मन के निधन के बाद आशा भोसले पूरी तरह टूट गई थीं और इसके कारण वे बर्मन के कमरे तक में नहीं गई थीं.
परिवार से दूर करते थे गणपतराव
आशा भोसले ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उनके पहले पति गणपतराव ने उन्हें उनके परिवार से अलग कर दिया था. इतना ही नहीं, वे लता मंगेशकर से भी संबंध रखने से मना करते थे. दूसरे बेटे के जन्म के समय हालात थोड़े स्थिर हुए, लेकिन ज्यादा दिनों तक ये स्थिर नहीं रहे.
आशा भोसले के बच्चे
बता दें कि आशा भोसले के तीन बच्चे हैं. उनके सबसे बड़े बेटे का नाम हेमंत भोसले था लेकिन 2015 में स्कॉटलैंड में कैंसर के कारण उनका निधन हो गया तता. उनकी बेटी का नाम वर्षा भोसले था, जिन्होंने डिप्रेशन के कारण आत्महत्या कर ली थी. वर्तमान में उनकी एक संतान ही जीवित है, जिनका नाम आनंद भोसले है.
आशा भोसले का गायकी करियर
आशा भोसले ने साल 1960 के दशक में करियर की शुरुआत की. 1966 में उन्हें तीसरी मंजिल फिल्म के गाने 'आजा-आजा मैं हूं प्यार तेरा' गाने से पहचान मिली. आशा भोसले ने मार्च 2026 में ब्रिटिश बैंड गोरिल्लाज के साथ अंतरराष्ट्रीय कोलैबोरेशन किया. इसका शीर्षक द शैडोई लाइट है. ये उनके एल्बम द माउंटेन का हिस्सा है.