वायु प्रदूषण: The Invisible Heart Killer
वायु प्रदूषण केवल फेफड़ों को ही नुकसान नहीं पहुंचाता. यह चुपचाप हृदय को भी क्षति पहुंचाता है, जिससे बिना किसी स्पष्ट चेतावनी के दीर्घकालिक हृदय संबंधी जोखिम बढ़ जाते हैं.
छिपा हुआ खतरा
प्रदूषित हवा की हर सांस दिल का दौरा, स्ट्रोक और उच्च रक्तचाप का खतरा बढ़ाती है - यहां तक कि युवा, स्वस्थ व्यक्तियों में भी.
डॉक्टर क्या कहते हैं
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. नवीन भामरी बताते हैं कि वायु प्रदूषण किस प्रकार धीमे जहर की तरह काम करता है, जिससे धीरे-धीरे सूजन और हृदय रोग का खतरा बढ़ता है.
प्रदूषण हृदय तक कैसे पहुंचता है?
पीएम 2.5 कण रक्तप्रवाह में प्रवेश करते हैं, जिससे रक्तचाप, हृदय गति और सूजन बढ़ जाती है, जिससे हृदय पर लगातार तनाव बना रहता है.
शरीर के अंदर पीएम 2.5 का क्या प्रभाव होता है
पीएम2.5 रक्त को गाढ़ा करता है, थक्के जमने का खतरा बढ़ाता है, धमनियों में ऐंठन पैदा करता है और ऑक्सीजन की आपूर्ति कम करता है - जिससे दिल के दौरे का खतरा काफी बढ़ जाता है.
यह चुपचाप घटित होता है
यहां तक कि मध्यम एक्यूआई स्तर भी बिना लक्षणों के हृदय को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे प्रदूषण से संबंधित हृदय संबंधी क्षति का प्रारंभिक चरण में पता लगाना मुश्किल हो जाता है.
अपने दिल की रक्षा कैसे करें
प्रदूषण के संपर्क को प्रतिदिन कम करने के लिए एन95 मास्क पहनें, घर के अंदर सक्रिय रहें, एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें और ऑक्सीजन से भरपूर पौधे लगाएं.