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Alka Yagnik Birthday: 31 सालों से पति से दूर क्यों हैं अल्का याग्निक, चोली के पीछे क्या है सॉन्ग विवाद पर डर गई थीं सिंगर?

Alka Yagnik Birthday: गायिका अलका याग्निक की प्रेम कहानी काफी फिल्मी है. अलका याग्निक किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं. उनकी लोकप्रियता का आलम यह है कि लोग उन्हें बिना देखे, सिर्फ़ उनकी आवाज़ से ही पहचान लेते हैं. उन्होंने बॉलीवुड को अनगिनत शानदार गाने दिए हैं. अपने पेशेवर करियर के साथ-साथ अलका याग्निक अक्सर अपनी निजी ज़िंदगी को लेकर भी सुर्खियों में रहती हैं. आइए, उनकी कंट्रोवर्सी गाने और निजी जिंदगी पर एक नजर डालते हैं.

Last Updated: March 20, 2026 | 8:54 AM IST
Alka got married in 1989 - Photo Gallery
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अलका ने 1989 में शादी की

अलका याग्निक ने अपनी सुरीली आवाज से दुनिया पर राज किया और 1990 के दशक में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने हिंदी सिनेमा को अनगिनत गाने दिए. अलका याग्निक की प्रेम कहानी काफ़ी फ़िल्मी है. अलका याग्निक ने 1989 में व्यवसायी नीरज कपूर से शादी की. इस जोड़ी की एक बेटी है, जिसका नाम सायशा कपूर है. 2024 में उनकी बेटी ने अपनी सुनने की क्षमता खो दी.

Alka has been separated from her husband for 31 years. - Photo Gallery
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अलका 31 सालों से पति से हैं दूर

अलका याग्निक और उनके पति नीरज पिछले 31 सालों से अलग रह रहे हैं और एक 'लॉन्ग-डिस्टेंस मैरिज' (दूर रहकर शादीशुदा ज़िंदगी) निभा रहे हैं. नीरज का बिज़नेस शिलांग में है. इसी वजह से यह जोड़ा अलग-अलग रहता है. शादी के कुछ ही समय बाद नीरज मुंबई चले गए थे, लेकिन वहां उन्हें काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. इसके बाद अलका याग्निक ने नीरज को वापस शिलांग चले जाने की सलाह दी. इस तरह यह जोड़ा अलग रहते हुए भी अपने रिश्ते को सवार रहा है.

Started singing at a young age - Photo Gallery
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छोटी उम्र में गाना किया शुरू

अलका याग्निक का जन्म कोलकाता में एक गुजराती परिवार में आज ही के दिन 20 मार्च 1966 को हुआ था. उनके पिता का नाम धर्मेंद्र सिकंदर है. उनकी मां शुभा, एक भारतीय शास्त्रीय गायिका थीं. 1972 में छह साल की उम्र में अलका याग्निक ने कलकत्ता में आकाशवाणी (ऑल इंडिया रेडियो) के लिए गाना शुरू किया. जब वह 10 साल की थीं, तो उनकी मां उन्हें एक बाल गायिका के रूप में करियर बनाने के लिए मुंबई ले आईं. हालांकि, उन्हें सलाह दी गई कि वह तब तक इंतज़ार करें जब तक उनकी बेटी की आवाज़ परिपक्व न हो जाए.

Lakshmikant was impressed by the voice - Photo Gallery
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लक्ष्मीकांत आवाज से हुए प्रभावित

इसके बाद कोलकाता में एक जान-पहचान वाले के ज़रिए अलका याग्निक की मुलाक़ात राज कपूर से हुई. राज कपूर ने अलका याग्निक की आवाज सुनी और उन्हें संगीत निर्देशक लक्ष्मीकांत शांताराम कुडालकर के पास भेज दिया. लक्ष्मीकांत, याग्निक की आवाज़ से बहुत ज़्यादा प्रभावित हुए. उन्होंने अलका याग्निक के सामने दो विकल्प रखे या तो वह तुरंत डबिंग का काम शुरू कर दें या फिर इंतज़ार करें और सीधे एक प्लेबैक सिंगर के तौर पर अपना डेब्यू करें. अलका याग्निक की मां ने इंतजार करने का फ़ैसला किया. वह अपनी बेटी को ख़ास तौर पर एक सिंगर के तौर पर ही लॉन्च करना चाहती थीं.

Controversy over the song Choli Ke Peeche Kya Hai - Photo Gallery
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चोली के पीछे क्‍या है गाने से विवाद

एक गायिका के तौर पर अलका याग्निक का करियर उस दौर में बुलंदियों पर पहुंचा, जब लता मंगेशकर और आशा भोसले की आवाजों का ही बोलबाला था. फिर भी इसी दौर में खास तौर पर 1993 में एक ऐसा गाना आया, जिसने अलका याग्निक को गाने से पहले ही बेहद परेशान कर दिया था. यह गाना फिल्म खलनायक का चोली के पीछे क्या है था. अलका याग्निक ने खुद एक बार यह माना था कि इस गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान उन्हें घबराहट महसूस हो रही थी. उन्होंने बताया कि गाने की शुरुआती पंक्तियाँ काफी मादक स्वभाव की थीं, जिसके चलते उन्हें इस बात की चिंता सता रही थी कि दर्शक इसे सही नज़रिए से लेंगे या नहीं.

This song too created a sensation - Photo Gallery
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इस गाने ने भी किया हंगामा

दिलचस्प बात यह है कि इस विवाद के बाद 1994 में अलका याग्निक का एक और गाना रिलीज़ हुआ. इसके बोल ने काफी हंगामा खड़ा कर दिया था. यह फिल्म अमानत थी. इस गाने के बोल थे, "दिन में लेती है..." इस गाने में कुमार सानू ने उनका साथ दिया था, और इसका संगीत बप्पी लाहिड़ी ने तैयार किया था. इस गाने के बोल अनवर सागर के द्वारा लिखे गए थे.

Award Received for a Song - Photo Gallery
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एक गीत के लिए मिला पुरस्कार

अलका याग्निक ने अपने करियर की शुरुआत भजन गाकर की थी. उन्होंने अपना पहला गीत 1980 की फ़िल्म पायल की झंकार में गाया था. अलका याग्निक ने फ़िल्म तेजाब का गीत "एक दो तीन" गाया. इसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका का फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार मिला. इस सफलता के बाद अलका याग्निक ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.

Playback Singing Queen - Photo Gallery
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प्लेबैक सिंगिंग क्वीन

बहरहाल, इसमें कोई दो राय नहीं है कि अलका याग्निक सुरों की रानी हैं. बॉलीवुड में उन्हें 'प्लेबैक सिंगिंग की क्वीन' के नाम से भी जाना जाता है. उन्होंने की बेहतरीन गानें दिए हैं. उनकी आवाज में ही जादू है जिसे सुनकर लोग झूम उठते हैं.

Disclaimer - Photo Gallery
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डिस्क्लेमर

यह लेख सिर्फ मनोरंजन के लिए है. इसमें किसी की छवि को नुकसान नहीं पहुंचाया जा रहा है. इंडिया न्यूज तथ्यों की पुष्टि नहीं करता है.

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