अनाया बांगड़ ने कराई जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी, पूरी तरह बनीं लड़की; ऐसी रही उनकी ट्रांसफॉर्मेशन जर्नी
Anaya Bangar Surgery: पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगड़ की बेटी अनाया की जिंदगी पूरी तरह बदल गई है. अनाया बांगड़ ने जेंडर अफर्मिंग सर्जरी करा ली है, जो सक्सेसफुल हो गई है. अब अनाया बांगड़ लड़के से पूरी तरह लड़की बन चुकी हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर इसकी जानकारी दी. वीडियो शेयर करते हुए अनाया बांगड़ ने बताया कि उनकी सर्जरी सफल रही है. फिलहाल वह रिकवरी के दौर से गुजर रही हैं. अनाया बांगड़ लंबे समय से इस सर्जरी की तैयारी कर रही थीं. जानें उनके ट्रांसफॉर्मनेशन की पूरी जर्नी…
अनाया बांगड़ का पोस्ट
अनाया बांगड़ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि उनकी सर्जरी सफल रही. अभी वह रिकवरी कर रही हूं. उन्होंने आगे लिखा कि यह एक लंबी यात्रा रही. अनाया ने हॉस्पिटल के बेड से एक वीडियो शेयर कर बताया कि सर्जरी में उन्हें कोई परेशानी नहीं हुआ, लेकिन अभी थोड़ा दर्द महसूस हो रहा है. उन्होंने अपने सभी समर्थकों को सपोर्ट करने के लिए धन्यवाद दिया.
अनाया ने कराई कौन सी सर्जरी?
अनाया बांगड़ ने वैजिनोप्लास्टी सर्जरी कराई है. इसमें वजाइना क्रिएट किया जाता है. आमतौर पर यह सर्जरी आमतौर ट्रांसजेंडर महिलाओं या ट्रांसफेमिनिन लोगों के लिए की जाती है. इस सर्जरी के अनाया बांगड़ बैंकॉक गई थीं.
5 साल तक किया इंतजार
अनाया बांगड़ ने बताया कि उन्होंने अचानक यह फैसला नहीं लिया है. इसके लिए उन्होंने करीब 5 साल तक का इंतजार किया. अनाया ने बताया कि लंबे समय तक थेरेपी, मेडिकल जांच सोच-विचार करने के बाद उन्होंने जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी कराने का फैसला किया था.
पहले लड़का थी अनाया बांगड़
अनाया बांगड़ का जन्म लड़के के रूप में हुआ था. पहले उनका नाम आर्यन बांगड़ था, लेकिन साल 2023-24 के बाद उन्होंने लड़के से लड़की में ट्रांसफॉर्मेशन की जर्नी शुरू की. अब आखिरकार साल 2026 में अनाया बांगड़ पूरी तरह से लड़की बन चुकी हैं.
क्यों बदला जेंडर?
अनाया बांगड़ का कहना है कि उन्होंने जिस जेंडर में जन्म लिया, उससे कभी जुड़ाव महसूस नहीं किया. इतना ही नहीं, अनाया ने बताया है कि वह बचपन में अपनी मां के कपड़े चुराकर पहनती थी. वह बचपन से ही खुद को लड़की महसूस करती थी, जिसके लिए उन्होंने क्रिकेट खेलना भी छोड़ दिया.
परिवार का मिला पूरा सपोर्ट
अनाया बांगड़ का लड़के से लड़की बनने का सफर काफी मुश्किल रहा है. शुरुआत में उन्हें अकेले यह कदम उठाने का फैसला किया था. हालांकि बाद में उनके परिवार और दोस्त ही इस ट्रांसफॉर्मेशन की जर्नी में उनके साथ में खड़े हुए.
क्रिकेट को छोड़ना पड़ा
अनाया बांगड़ को इस ट्रांसफॉर्मेशन के लिए अपनी सबसे प्यारी चीज को कुर्बान करना पड़ा. अनाया ने जब अपने ट्रांसफॉर्मेशन की जर्नी शुरू की, तो वो ट्रांस वुमन बन गई हैं. ऐसे में वह क्रिकेट में हिस्सा नहीं ले सकती थी. इसके चलते उन्होंने क्रिकेट खेलना छोड़ दिया.
अनाया बांगड़ बनी मिसाल
अनाया बांगड़ ट्रांसजेंडर के अधिकारों के लिए अक्सर अपनी बात रखती हैं. उनका कहना है कि परिवार का सपोर्ट मिलने से ट्रांस महिलाओं को नई उम्मीद और हिम्मत मिलती है. बता दें कि अनाया बांगड़ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी हैं. इंस्टाग्राम पर उनके 8 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं.