कभी रेलवे प्लेटफॉर्म पर गुजारी रातें, आज 500 से ज्यादा फिल्मों का रिकॉर्ड; जानिए अनुपम खेर की 5 जबरदस्त मूवीज
Anupam Kher Birthday: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता-निर्माता और निर्देशक अनुपम खर ने चार दशकों से अधिक अपने करियर में 500 से अधिक फिल्मों में काम किया. शुरुआती जीवन में कभी रेलवे प्लेटफॉर्म पर सोने को हुए मजबूर और आज सिनेमाई दुनिया में कर रहे राज. आज 07 मार्च को एक्टर अपना 71वां जन्मदिन मना रहे हैं. जानिए अनुपम खेर के संघर्ष ओर उनकी दमदार फिल्मों के बारे में.
अनुपम खेर का शिमला में हुआ जन्म
अनुपम खेर का जन्म 7 मार्च 1955 को शिमला में हुआ था. उनका परिवार कश्मीरी पंडित था. उनके पिता, पुष्कर नाथ खेर, हिमाचल प्रदेश के वन विभाग में क्लर्क थे और उनकी माता, दुलारी खेर, गृहिणी थीं.
गरीबी में बीता बचपन
ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे को दिए एक इंटरव्यू में अनुपम खेर ने बताया था कि वह एक गरीब परिवार से थे और संयुक्त परिवार में रहते थे. उन्होंने कहा, 'हमारा परिवार बहुत गरीब था और हम सब एक संयुक्त परिवार में साथ रहते थे. लगभग 14 लोगों के रहने के लिए सिर्फ एक छोटा सा कमरा था. घर में दादा-दादी, चाचा-चाची और चचेरे भाई-बहन सभी साथ रहते थे. परिवार की जिम्मेदारी सिर्फ मेरे पिता पर थी, जो 1950 के आखिर और 1960 की शुरुआत में महीने के करीब 90 रुपये कमाते थे. कम संसाधनों के बावजूद हमारे घर में खुशी की कमी नहीं थी और हम सभी बहुत खुश रहते थे.'
रेलवे प्लेटफॉर्म पर बिताई रातें
अभिनेता अनुपम खेर ने मुंबई में अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि जब वह अभिनेता बनने का सपना लेकर मुंबई आए थे, तब उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा. उस समय हालात ऐसे थे कि उन्हें कई बार रेलवे प्लेटफॉर्म पर भी रात गुजारनी पड़ी. उन्होंने बताया कि यह बात उन्होंने अपने माता-पिता को कभी नहीं बताई, क्योंकि वह उन्हें परेशान या दुखी नहीं करना चाहते थे.
खोसला का घोसला
अनुपम खेर ने अपने करियर में 500 से अधिक फिल्मों में काम किया है. उनकी कुछ शानदार फिल्में भी हैं. इसी में से एक है खोसाल का घोसाल. दिबाकर बनर्जी के निर्देशन में बनी इस पहली फिल्म में अनुपम खेर ने कमल किशोर खोसला का किरदार निभाया था, जो दिल्ली के एक सेवानिवृत्त मध्यमवर्गीय व्यक्ति हैं. उनका घर बनाने का सपना तब चकनाचूर हो जाता है जब एक भू-माफिया (बोमन ईरानी) उनकी जमीन हड़प लेता है. इस फिल्म में अभिनेता ने शानदार अभिनय किया था.
अ वेडनसडे
नीरज पांडे की एक्शन थ्रिलर में अनुपम खेर ने प्रकाश राठौड़ का किरदार निभाया है, जो एक सेवानिवृत्त पुलिस आयुक्त हैं. वह अपने करियर के सबसे यादगार मामले के बारे में बताते हैं. यह फिल्म भी काफी शानदार है.
दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे
'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' फिल्म राज और सिमरन के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनके किरदार शाहरुख खान और काजोल ने निभाए हैं. अनुपम खेर ने धर्मवीर मल्होत्रा का किरदार निभाया है.
सारांश
इस फिल्म में अनुपम खेर ने बी.वी. प्रधान की भूमिका निभाई है. उनके साथ सोनिया राजदान सुजाता सुमना और रोहिणी हट्टंगडी पार्वती प्रधान के किरदार में हैं. फिल्म एक सेवानिवृत्त स्कूल शिक्षक और उनकी पत्नी की कहानी है जो न्यूयॉर्क की सड़कों पर लूटपाट की घटना में अपने इकलौते बेटे को खोने के गम और अवसाद से जूझ रहे हैं. यह फिल्म शानदार फिल्मों में से एक है.