महिलाओं को मेनोपॉज किस उम्र में होता है? इस दौरान किन 6 बीमारियों का खतरा, डॉक्टर से जानें कैसे करें बचाव
Vaginal issues caused by menopause: महिलाओं में 40 से 50 वर्ष की उम्र के दौरान मेनोपॉज होना एक सामान्य प्रक्रिया होती है. यह हर महिला के जीवन का एक अपरिहार्य पड़ाव है. इसमें पीरियड्स स्थायी रूप से बंद हो जाते हैं. हालांकि, इस समय कई हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो शारीरिक और मानसिक समस्याएं उत्पन्न कर सकते हैं. इसलिए यह कुछ महिलाओं के लिए उतार-चढ़ाव भरा सफर हो सकता है. ऐसी स्थिति में हॉट फ्लैशेस, नींद की समस्या, मूड में बदलाव और कई अन्य परेशानियां होती हैं. पहले मासिक धर्म से लेकर आखिरी तक, वेजाइनल हेल्थ में कई बदलाव आते हैं. जो काफी दर्दनाक भी हो सकते हैं. यदि आप इस तरह की समस्याओं के बारे में जानना चाहती हैं, जिनका सामना आपको करना पड़ सकता है, तो आप सही जगह पर हैं. इस बारे में हेल्थशॉट्स को मदरहुड हॉस्पिटल, पुणे की कंसल्टेंट ऑब्स्टेट्रिशियन और गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. स्वाति गायकवाड़ ने जानकारी शेयर की है. आप भी जानिए-
1. वेजाइनल ड्राइनेस
योनि में सूखापन एक आम समस्या है और यह किसी भी उम्र में हो सकती है. यह स्थिति योनि की त्वचा को कमजोर कर सकती है और योनि को नुकसान पहुंचा सकती है. यदि आप रजोनिवृत्ति की अवस्था में हैं, तो यह इसका एक आम लक्षण है. डॉ. गायकवाड़ कहती हैं कि, यदि आप मेनोपॉज के करीब हैं या इस स्थिति से गुजर रही हैं, तो आपकी वेजाइना ड्राई हो सकती है. इसके अलावा, यह योनि में अच्छे बैक्टीरिया के संतुलन को भी बिगाड़ सकता है, जिससे यीस्ट संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है. हालांकि, आप पर्याप्त पानी पीकर या वेजाइना में अच्छे मॉइस्चराइजर का उपयोग करके सूखेपन को रोक सकती हैं.
2. पेशाब करते वक्त जलन
मेनोपॉज के दौरान पेशाब करने पर जलन महसूस होना एक आम समस्या है. दरअसल, "जब एस्ट्रोजन का स्तर कम होता है, तो इससे ऊतक सूखने लगते हैं, और पेशाब करते समय जलन महसूस होने लगती है. यदि आपको बार-बार पेशाब करने की इच्छा होती है और यूरिन पास करते समय दर्द होता है, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें. क्योंकि, यह गुर्दे और प्रजनन स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है. इसके अलावा, अगर आप रजोनिवृत्ति की अवस्था में नहीं हैं, तो इस स्थिति को मेडिकल भाषा में डिस्यूरिया कहा जाता है. इससे पेशाब करते समय दर्द हो सकता है. इसलिए, डॉक्टर की सलाह जरूरी है.
3. दर्दनाक सेक्स
डॉक्टर कहते हैं कि, रजोनिवृत्ति के कारण, फिजिकल संबंध बनात समय दर्द हो सकता है. बता दें कि, मेनोपॉज से गुजर रही महिलाओं में एस्ट्रोजन का स्तर कम होने के कारण यौन इच्छा में कमी आ जाती है, जिससे योनि के ऊतकों में सूखापन और पतलापन आ जाता है. इसी का नतीजा है कि कई महिलाओं के लिए संबंध बनाना असहज हो जाता है. इससे योनि में कसाव भी आ सकता है, जो संभोग को दर्दनाक बना देता है. ऐसे लोग इंटीमेट होने से पहले अच्छे लुब्रिकेंट का उपयोग कर सकते हैं.
4. टाइटपन
मेनोपॉज के दौरान महिला के शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर कम हो जाता है. इससे योनि में चिकनाई कम हो जाती है, जिसके कारण वेजाइना की परत पतली और कम लचीली हो जाती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि योनि और वल्वा सिकुड़ जाते हैं और खुलने वाली जगह पर कस जाते हैं. ऐसा होने से, कुछ मामलों में, रजोनिवृत्ति की उम्र में महिलाओं को संभोग के दौरान योनि में कसाव के साथ-साथ दर्द, जलन और सूजन भी महसूस हो सकती है.
5. मूत्र मार्ग संक्रमण (UTI)
मेनोपॉज के दौरान, महिलाओं में एस्ट्रोजन का स्तर कम हो जाता है. इससे योनि और वल्वा में शारीरिक परिवर्तन होते हैं, जिससे सूखापन और मूत्र मार्ग में संक्रमण जैसे लक्षण हो सकते हैं. बता दें कि, मूत्र मार्ग संक्रमण (UTI) मूत्र प्रणाली का संक्रमण है और इसके लक्षणों में सूखापन, पेशाब करते समय दर्द, बार-बार पेशाब आना, खुजली और कमर या पीठ के निचले हिस्से में दर्द शामिल हैं. हालांकि इसका इलाज संभव है, फिर भी UTI दर्दनाक हो सकता है. इसलिए अपने डॉक्टर से तुरंत मिलें. इसके अलावा, संक्रमण से बचने के लिए हमेशा अपनी वेजाइना को सूखा और साफ रखें.
6. वैजिनाइटिस
योनि का सिकुड़ना (एट्रोफिक वैजिनाइटिस) एक ऐसी स्थिति है जब शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर कम होने के कारण योनि की दीवारें सूख जाती हैं, पतली हो जाती हैं और उनमें सूजन आ जाती है. डॉ. गायकवाड़ कहते हैं कि, "रजोनिवृत्ति के बाद, एस्ट्रोजन का स्तर कम होने से एट्रोफिक वैजिनाइटिस हो सकता है, जो काफी कष्टदायक होता है. बता दें कि, योनि से स्राव, खुजली, जलन, बेचैनी और तेज गंध आना वैजिनाइटिस के कुछ लक्षण हैं.