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Bhojpuri Cinema Reality: भोजपुरी फिल्मों पर कैसे लगा अश्लीलता का ठप्पा? हिट होने के चक्कर में बदला कंटेंट, किस मूवी से शुरू हुआ विवाद

Bhojpuri Cinema: भोजपुरी फिल्मों का जब भी नाम आता है, तो लोगों के दिमाग में सिर्फ “बोल्ड” या फिर “अश्लील” कंटेंट की छवी बनती है, लेकिन पहले ऐसा नहीं था भोजपुरी सिनेमा की पहचान सादगी और परिवारिक कहानियां हुआ करती हैं, लेकिन फिर ऐसा क्या हुआ, क्यों भोजपुरी सिनेमा पर अश्लील कंटेंट बनाने के आरोप लगे? पहली बार किस फिल्म को अश्लील कहा गया? भोजपुरी फिल्मों और गानों में बोल्ड कंटेंट कब और कैसे आया? आइये जानते हैं सब यहां.

Last Updated: February 3, 2026 | 6:22 PM IST
Bhojpuri cinema is full of 'bold' and 'obscene' content. - Photo Gallery
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बोल्ड’ और ‘अश्लील’ कंटेंट से भरा है भोजपुरी सिनेमा

पहले के समय में भोजपुरी सिनेमा की पहचान मिट्टी की खुशबू, गांव की सादगी और परिवारिक कहानियां हुआ करती थी, लेकिन जैसे -जैसे समय बदला वैसे-वैसे इस इंडस्ट्री की छवी पर दाग लगने लगा.आज जब लोगों के सामने भोजपुरी फिल्मों या गानों का नाम आता है, तो सबसे पहले लोगों के दिमाग में ‘बोल्ड’ या ‘अश्लील’ कंटेंट आता है.

How Bhojpuri was labeled as obscene - Photo Gallery
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कैसे लगा भोजपुरी पर अश्लीलता का ठप्पा

ऐसे में सवाल उठता है कि भोजपुरी इंडस्ट्री में ऐसा बदलाव कब और कैसे आया? कौन सी भोजपुरी फिल्म को पहली बार 'अश्लील' करार दिया गया था? भोजपुरी फिल्मों और गानों में बोल्ड कंटेंट कब और कैसे आया? अब तक की सबसे विवादित फिल्मों के नाम क्या है? आइये जानते हैं सब यहां.

How Bhojpuri cinema started? - Photo Gallery
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कैसे शुरू हुआ भोजपुरी सिनेमा

भोजपुरी सिनेमा की शुरुआत 1960 के दशक में हुई और पहली फिल्म थी फिल्म “गंगा मइया तोहे पियरी चढ़इबो”, जिसे बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता और लेखक नज़ीर हुसैन ने बनाया था. इस फिल्म की कहानी बेहद साफ-सुथरी थी, इसमें लोकगीत, परिवारिक रिश्तों की मिठास और गांव की सच्ची झलक देखने को मिली थी. इसी वजह से यह फिल्म सुपरहिट रही थी, फिल्म रिलीज के समय थिएटर खचाखच भर गया था. इस फिल्म के बाद से भोजपुरी में फिल्में बनना शुरू हुआ था और उस दौर की फिल्में पूरी तरह परिवारिक होती थी

Which Bhojpuri film promoted obscenity? - Photo Gallery
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किस भोजपुरी फिल्म से मिला अश्लीलता को बढ़ावा

लेकिन 90 के दशक के आखिर में और साल 2000 की शुरूआत में भोजपुरी फिल्मों की कहानी में बड़ा बडलाव आना शुरू हुआ. वीडियो कैसेट, सीडी और बाद में मोबाइल इंटरनेट ने भोजपुरी कंटेंट की दिशा ही बदल दी। भोजपुरी में पहली बार “अश्लीलता” का ठप्पा किस फिल्म पर लगा, इस पर अलग-अलग राय मिलती है, लेकिन 2000 के दशक की शुरुआत में आई कुछ फिल्मों और एल्बमों ने इसे काफी तेज कर दिया.

How double meaning songs and bold content got a boost - Photo Gallery
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डबल मीनिंग गाने और बोल्ड कंटेट को कैसे मिला बढ़ावा

भोजपुरी सिनेमा में मेकर्स लो-बजट की फिल्मे बनाने लगे और साथ ही स्टेज शो से जुड़े वीडियो गानों में डबल मीनिंग बोल और ज्यादा ग्लैमरस डांस पेश किए जाने लगा। 2003 में रिलीज हुई मनोज तिवारी और रानी चटर्जी की फिल्म “ससुरा बड़ा पैसे वाला” ने इसे बढ़ावा दिया, फिल्म तो सुपरहिट रही और इससे ही भोजपुरी सिनेमा को नई पहचान मिली थी. लेकिन कहा जाता है कि फिल्म के गाने और मसालेदार कंटेंट ने डबल मीनिंग गाने और बोल्ड कंटेट को बढ़ावा दिया है.

Bold music album songs set the stage on fire - Photo Gallery
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बोल्ड म्यूजिक एल्बम सॉन्ग्स ने लगाई आग

इसके बाद धीरे-धीरे भोजपुरी गानों के बोल ज्यादा चटपटे और डबल मीनिंग भरे होने लगे। वहीं बोल्ड एल्बम सॉन्ग्स ने भी इसमें आग में घी डालने का काम किया। भोजपुरी में कई म्यूजिक एल्बम तो ऐसे आए जिनके पोस्टर और गानो के लिरिक्स पर समाज के एक वर्ग ने खुलकर विरोध भी किया.

Voice raised for Bhojpuri culture - Photo Gallery
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भोजपुरी संस्कृति के लिए उठी अवाज

स्टेज शो पर किए गए डांस वीडियो भी वायरल होने लगे और ऐसा ही स्टाइल भोजपुरी फिल्मों और गानों में भी घुस गया. कुछ दर्शकों ने इसे “मनोरंजन” का हिस्सा कहा, लेकिन कई लोग इसे भोजपुरी संस्कृति के खिलाफ भी मानने लगे.

The censor board also raised objections to Bhojpuri film songs - Photo Gallery
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सेंसर बोर्ड ने भी जताई भोजपुरी फिल्मों गानों पर आपत्ति

सबसे ज्यादा विवाद उन भोजपुरी फिल्मों और गानों पर हुआ जिनके गाने डबल मीनिंग और डायलॉग थे, उनमे भड़काऊ डांस और उत्तेजक कैमरा एंगल का इस्तेमाल भी हुआ था. इतनी ही नहीं सेंसर बोर्ड को भी आपत्ति जताते हुए कट लगाने पड़े थे. स्टार्थ भी अपने गानों की वजह से विवाद में आए और उन पर आरोप लगा कि व्यूज़ पाने के लिए कंटेंट की सीमा पार की जा रही है. सोशल मीडिया और यूट्यूब पर “जो ज्यादा चटपटा, वही ज्यादा क्लिक” वाला फार्मूला मेकर्स लगाने लगे.

Then came the wave of change in Bhojpuri - Photo Gallery
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फिर आई भोजपुरी में बदलाव की लहर

लेकिन भोजपुरी सिनेमा में एक बार फिर बदलाव की लहर आई है एक तरफ बोल्ड और मसालेदार कंटेंट की बड़ी मार्केट है, लेकिन परिवारिक कहानी फिल्मों की मांग भी खत्म नहीं हुई. कई निर्देशक फिर से कंटेंट को साफ करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि मनोरंजन भी रहे और भाषा व संस्कृति की गरिमा भी बनी रही

Names of the most controversial Bhojpuri films and songs - Photo Gallery
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भोजपुरी के सबसे विवादित फिल्मों और गानों के नाम

उन भोजपुरी फिल्मों की बात करें, जिनपर सबसे ज्यादा विवाद हुआ और अशलिलता का आरोप लगा, तो उन फिल्मों के नाम है ससुरा बड़ा पैसे वाला (2003), दरोगा बाबू आई लव यू, लहंगा उठा देब रिमोट से, निरहुआ रिक्शावाला सीरीज, पंडित जी बताई ना बियाह कब होई, गदर, बॉर्डर…. भोजपुरी के विवादित गानों के नाम है चोली के हुक राजा जी, रात दिया बुताके, लॉलीपॉप लागेलू, छलकता हमरो जवनिया ए राजा, पांडे जी का बेटा हूँ और नथुनिया.