Bihar Tourism: सिर्फ पिंडदान के लिए ही नहीं, बल्कि घूमने के लिए भी बेहतरीन पर्यटन स्थल है ‘गयाजी’
बिहार में फल्गु नदी के किनारे बसा प्रमुख धार्मिक शहर गयाजी, हिंदू और बौद्ध दोनों धर्मों का प्रसिद्ध तीर्थस्थान है. जहां हिन्दुओं के लिए यहां पिंडदान करना अनिवार्य है, वहीं बौद्ध धर्मावलंबी इसे गौतम बुद्ध की ज्ञानभूमि होने की वजह से विशेष सम्मान देते हैं. यहां के प्रमुख आकर्षणों में यूनेस्को-सूचीबद्ध महाबोधि मंदिर, विष्णुपद मंदिर और दुंगेश्वरी गुफा मंदिर जैसे कई आध्यात्मिक स्थल शामिल हैं. आइये जानते हैं इस आध्यात्मिक शहर में आप कहां-कहां घूमने जा सकते हैं!
विष्णुपद मंदिर
यह भगवान विष्णु को समर्पित एक प्रमुख हिंदू मंदिर है, जिसका निर्माण रानी अहिल्याबाई होल्कर ने कराया था. यहां भगवान विष्णु के पवित्र पदचिह्न की पूजा की जाती है.
महाबोधि मंदिर परिसर (बोधगया)
महाबोधि मंदिर परिसर यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल में शामिल है, जिसमें पवित्र बोधि वृक्ष और महाबोधि मंदिर स्थित हैं. बता दें कि बोधगया में ही गौतम बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था.
दुंगेश्वरी गुफा मंदिर
यह गुफा पहाड़ी की चोटी पर स्थित है. ऐसा माना जाता है कि बुद्ध ने बोधगया पहुंचने से पहले यहां ध्यान किया था. इस गुफा तक पहुंचने का मार्ग काफी मनोरम है.
मंगला गौरी मंदिर
देवी शक्ति को समर्पित यह एक प्राचीन तीर्थस्थल, जिसे 18 महा शक्तिपीठों में से एक माना जाता है.
जापानी मंदिर
बोधगया स्थित यह मंदिर अपनी पारंपरिक जापानी लकड़ी की वास्तुकला और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है. अगर आप ध्यान करना चाहते हैं, या सुकून से कहीं बैठना चाहते हैं, तो ये जगह आपको बेहद पसंद आएगी.
विशाल बुद्ध प्रतिमा
बोधगया में ही बुद्ध की 80 फुट ऊंची विशालकाय प्रतिमा का निर्माण किया गया है, जिसे देखने देश-विदेश से सैलानी आते हैं.
बराबर गुफाएं
ये गुफाएं भारत में जीवित बची सबसे पुरानी चट्टानों को काटकर बनाई गई गुफाओं के रूप में जानी जाती हैं. इन गुफाओं को मौर्यकालीन राजाओं ने बनवाया था.