स्वस्थ रहने के लिए चीनी छोड़ गुड़ अपना रहे फिटनेस फ्रीक, जानें पीला या काला कौन सा स्वीटनर बेहतर
Black vs Yellow Jaggery: आज के समय में खराब लाइफस्टाइल और खानपान के कारण लोगों का वजन तेजी से बढ़ रहा है. जब वे वजन कम करने की शुरुआत करते हैं, तो उन्हें चीनी छोड़ने के लिए कहा जाता है. ऐसे में वे कई महंगे नैचुरल स्वीटनर इस्तेमाल करते हैं, जो बाजारों में मिलते हैं. वो महंगे होने के साथ ही नुकसानदायक भी हो सकते हैं. ऐसे में उन्हें गुड़ खाने की सलाह दी जाती है. एक्सपर्ट्स की मानें, तो चीनी की तुलना में गुड़ ज्यादा असरदार होता है. ये शरीर को इंस्टेंट एनर्जी देता है. साथ ही इंसुलिन रेजिस्ट करता है और पेट की चर्बी भी कम करता है. ये मीठे की पूर्ति करने के साथ ही शरीर को गर्म रखता है और खून बढ़ाता है. साथ ही पाचन को दुरुस्त करता है. मार्केट में कई तरह के गुड़ आते हैं, जिसके कारण लोग कंफ्यूज रहते हैं कि सेहत के लिए कौन सा गुड़ बेहतर है. आइए जानते हैं कि काला या पीला गुड़, कौन सा गुड़ बेहतर है.
बिना केमिकल तैयार होता है काला गुड़
बता दें कि हर तरह के गुड़ गन्ने के रस से बनाया जाता है. काला गुड़ बिना किसी केमिकल प्रोसेस के तैयार किया जाता है. इसे केवल गन्ने के रस को गाढ़ा करके बनाया जाता है.
गाढ़ा होने तक पकाया जाता है
काले गुड़ के लिए गन्ने के रस को तब तक पकाया जाता है, जब तक वो गाढ़ा न हो जाए और इसका रंग बदलकर गहरा भूरा या काला न हो जाए.
काले गुड़ में पोषक तत्व
काले गुड़ में मौजूद मिठास मोलासेस होता है. इसमें कैल्शियम, पोटैशियम और आयरन पाया जाता है. इसके कारण काले गुड़ का सेवन करने से एनीमिया के मरीजों को फायदा होता है.
पीले गुड़ में केमिकल
वहीं पीले गुड़ को बनाने के लिए गन्ने के रस को साफ किया जाता है. इसका रंग और टेक्सचर बनाए रखने के लिए इसमें हाइड्रोस यानी सोडियम हाइड्रोसल्फाइट डाला जाता है.
नहीं होते जरूरी पोषक तत्व
पीला गुड़ भले ही देखने में साफ और सुंदर लगता है लेकिन केमिकल के कारण इसके जरूरी तत्व खत्म हो जाते हैं. कुछ लोगों को केमिकल के कारण एलर्जी भी हो सकती है.
सेहत के लिए बेस्ट काला गुड़
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें, तो काला गुड़ सेहत के लिए अच्छा होता है. इसमें पोषक तत्व बरकरार रहते हैं, जो शरीर को इम्यूनिटी देता है और थकावट दूर करता है. इसका सेवन करने से त्वचा में भी चमक आती है.