Budget 2026: निर्मला सीतारमण पेश करेंगी 9वीं बार बजट, जानें किन-किन महारथियों के कंधों पर टीका है आर्थिक भविष्य
अनुराधा ठाकुर आर्थिक मामलों का विभाग संभालती है
अनुराधा ठाकुर केंद्रीय बजट तैयार करने में अहम भूमिका निभाती हैं. वह उस विभाग की प्रमुख हैं जो संसाधन आवंटन और 2026-27 के लिए मैक्रोइकोनॉमिक रोडमैप बनाने के लिए ज़िम्मेदार है. ठाकुर बजट डिवीज़न की देखरेख करती हैं, जो सभी बजट दस्तावेज़ तैयार करता है. 1 जुलाई, 2025 को वित्त मंत्रालय में अपनी नई भूमिका संभालने के बाद यह इस 1994-बैच की IAS अधिकारी का पहला बजट है. वह आर्थिक मामलों के विभाग की प्रमुख बनने वाली पहली महिला IAS अधिकारी भी हैं.
अरविंद श्रीवास्तव को राजस्व सचिव संभालते है
अरविंद श्रीवास्तव कर प्रस्तावों का मसौदा तैयार करने के लिए ज़िम्मेदार हैं, जो बजट भाषण का भाग B होता है. इसमें प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों से संबंधित कर प्रस्ताव शामिल हैं. प्रत्यक्ष करों में आयकर और कॉर्पोरेट कर शामिल हैं, जबकि अप्रत्यक्ष करों में GST और सीमा शुल्क शामिल हैं. राजस्व सचिव के तौर पर यह अरविंद श्रीवास्तव का पहला बजट है. हालांकि, वह पहले बजट डिवीज़न में संयुक्त सचिव के रूप में काम कर चुके हैं, जिससे उन्हें बजट से संबंधित काम का अनुभव है.
वुमलानमांग वुअलनाम, व्यय सचिव
वुअलनाम को अक्सर 'खजाने का संरक्षक' कहा जाता है. वह सरकारी खर्च, सब्सिडी और केंद्रीय योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए ज़िम्मेदार हैं. उनका विभाग राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. उनके काम में राजकोषीय घाटे का प्रबंधन करना और अगले वित्तीय वर्ष के लिए खर्च की प्राथमिकताएं तय करना शामिल है.
एम नागराजू, वित्तीय सेवा सचिव
नागराजू वित्तीय सेवा विभाग के प्रभारी हैं. उनका ध्यान वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित पहलों पर रहा है. उनका विभाग सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, बीमा कंपनियों और पेंशन प्रणाली के स्वास्थ्य की भी निगरानी करता है. क्रेडिट ग्रोथ, डिजिटल परिवर्तन और वित्तीय क्षेत्र के सुधार भी उनके दायरे में आते हैं.
अरुणिश चावला, सचिव, DIPAM
डिपार्टमेंट ऑफ़ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) के प्रमुख के तौर पर, चावला सरकार के विनिवेश कार्यक्रम और प्राइवेटाइजेशन रणनीति बनाने के लिए ज़िम्मेदार हैं. उनका विभाग सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज (CPSEs) में हिस्सेदारी बेचकर नॉन-टैक्स रेवेन्यू जेनरेट करने पर फोकस करता है.
के. मूसा चालाई, सचिव, सार्वजनिक उद्यम
के. मूसा चालाई चुनिंदा CPSEs की पूंजीगत व्यय योजनाओं की देखरेख करते हैं. वह बजट आवंटन के सही इस्तेमाल को भी सुनिश्चित करते हैं. उनका विभाग एसेट मोनेटाइजेशन के प्रयासों की निगरानी करता है और सरकारी उद्यमों की सेहत की देखरेख के लिए ज़िम्मेदार है.
वी. अनंत नागेश्वरन, मुख्य आर्थिक सलाहकार
मुख्य आर्थिक सलाहकार का कार्यालय बजट के लिए महत्वपूर्ण इनपुट देता है. इसमें ग्रोथ के अनुमान, कृषि, उद्योग और सेवाओं को कवर करने वाले सेक्टर-स्पेसिफिक विश्लेषण और वैश्विक जोखिमों का आकलन शामिल है. यह कार्यालय वित्त मंत्री को प्रमुख आर्थिक सुधारों पर सलाह भी देता है और राजकोषीय रणनीतियों को बनाने में भूमिका निभाता है.
बजट 2026 से टैक्स देने वालों को क्या उम्मीदें हैं?
पिछले बजट में, मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिली थी जब ₹12 लाख तक की आय को टैक्स से छूट दी गई थी. इस बार, यह भी उम्मीद है कि टैक्स स्लैब को और आसान बनाया जाएगा, टैक्स के नियम आसान बनाए जाएंगे, सैलरी पाने वाले लोगों को और राहत मिलेगी और डिजिटल इंडिया और फाइनेंशियल प्लानिंग को ध्यान में रखते हुए नई घोषणाएं भी की जा सकती हैं.