8th Pay Commission: कर्मचारी संगठनों ने की 5 फैमिली यूनिट्स की बड़ी मांग, यहां जानें कितनी बढ़ सकती है सैलरी
8th पे कमिशन 2026: देशभर के लगभग 48 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 67 लाख पेंशनभोगी अगले वेतन आयोग यानी 8th Pay Commission का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. जहां, केंद्रीय कर्मचारी संगठनों ने ‘फैमिली यूनिट्स’ की संख्या 3 से बढ़ाकर 5 करने को लेकर एक बड़ी मांग की है. इस दौरान फरवरी में नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड), जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की बैठक भी की गई, जिसमें कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने एक अनोखी मांग की है.
फैमिली यूनिट विस्तार का प्रस्ताव
दरअसल, कर्मचारी संगठनों ने यह मांग की है कि वेतन गणना के लिए परिवार के सदस्यों की संख्या को 3 से बढ़ाकर 5 किया जाना चाहिए.
फिटमेंट फैक्टर में भारी उछाल
तो वहीं, अगर सरकार इस मांग को स्वीकार करती है, तो 8वें वेतन आयोग के लिए फिटमेंट फैक्टर 3.0 के पार भी जा सकता है.
1957 के पुराने नियमों में बदलाव
इसके साथ ही वर्तमान वेतन ढांचा साल 1957 के 15वें इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस के 'तीन यूनिट' के नियम पर पूरी तरह से आधारित है, जिसे अब बदलने की मांग और भी ज्यादा तेज हो गई है.
माता-पिता की देखभाल का कानूनी पक्ष
जहां, संगठनों का तर्क है कि माता-पिता की देखभाल अब बच्चों की कानूनी जिम्मेदारी है, इसलिए उन्हें भी यूनिट में शामिल करना बेहद ही महत्वपूर्ण हो जाएगा.
66% अतिरिक्त वेतन वृद्धि की संभावना
दो अतिरिक्त यूनिट जोड़ने से बेसिक पे में लगभग 66 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो सकती है, जो 0.66 के एक्स्ट्रा फिटमेंट फैक्टर के बराबर मानी जा रही है.
न्यूनतम वेतन ₹54,000 के पार
3.0 के फिटमेंट फैक्टर के साथ न्यूनतम बेसिक सैलरी वर्तमान 18 हजार से बढ़कर 54 हजार से ज्यादा हो सकती है.
पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत
तो वहीं, दूसरी तरफ फिटमेंट फैक्टर में होने वाली किसी भी वृद्धि का सीधा और सकारात्मक प्रभाव पेंशनर्स की संशोधित पेंशन पर भी देखने को मिलेगा.
वेतन निर्धारण का नया फॉर्मूला
और सबसे आखिरी में एक नए वेतन की गणना कर्मचारी की 'बेसिक सैलरी × फिटमेंट फैक्टर' के सूत्र से ही की जाएगी, जिससे पारदर्शिता में बदलाव देखने को मिल सकता है.