लगातार 3 हार के बाद टूटी सीएसके की कमर, अब कैसे मिलेगी जीत? अश्विन ने बताया फॉर्मूला
CSK in IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) में चेन्नई सुपर किंग्स अपने तीनों मैच हारकर पॉइंट्स टेबल पर सबसे निचले पायदान पर पहुंच गया है. ऐसे में चेन्नई सुपर किंग्स अपनी रणनीति में बदलाव करना चाहेगी. लगातार 3 हार के बाद चेन्नई सुपर किंग्स पर बहुत ज्यादा दबाव है. हालांकि, रविचंद्रन अश्विन के अनुसार, टीम को घबराने की ज़रूरत नहीं है, बल्कि सही काम करने के तरीके अपनाने और एक सकारात्मक माहौल बनाने की ज़रूरत है.
आर अश्विन ने क्या कहा?
लगातार सीएसके की हार के बाद आर अश्विन ने कहा कि युवा खिलाड़ियों से तुरंत नतीजों की उम्मीद करना गलत होगा. इसके बजाय उन्हें बिना किसी झिझक के खेलने के लिए समय और आज़ादी दी जानी चाहिए.
लगातार 3 मैचों में मिली हार
आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स अपने 3 शुरुआती मैच हार चुकी है. ऋतुराज गायकवाड़ और संजू सैमसन का बल्ला नहीं चल रहा है. इसके अलावा, ऋतुराज की कप्तानी पर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं.
धोनी की खल रही कमी
चेन्नई सुपर किंग्स को महेंद्र सिंह धोनी की कमी खल रही है. ऋतुराज गायकवाड़ को कप्तानी का अनुभव बेहद कम है. इसके अलावा, संजू सैमसन जैसे अनुभवी खिलाड़ियों से मदद नहीं मिल रही है.
आरसीबी के हाथों मिली करारी हार
रविवार को आरसीबी के हाथों 43 रनों की करारी हार के बाद सीएसके पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे खिसक गई है. हालांकि अश्विन के अनुसार, इस गिरावट को सिर्फ आंकड़ों के आधार पर नहीं समझा जा सकता. यह मूल रूप से एक मानसिक लड़ाई भी है.
सीएसके में युवा खिलाड़ियों की भरमार
आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स ने कई युवा खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल किया है और ये खिलाड़ी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं. टीम पूरी तरह से युवा लग रही है.
ड्रेसिंग रूम में होगी तकलीफ
अश्विन ने कहा कि ड्रेसिंग रूम में इस समय तकलीफ जरूर होगी, लेकिन सच यह है कि इतनी युवा टीम के लिए अब आगे बढ़ने का सिर्फ एक ही रास्ता है ऊपर की ओर जाना और ऊपर की ओर जाने का रास्ता सही काम करने के तरीके और सकारात्मक टीम माहौल से होकर गुज़रता है.
सीएसके की जीतने की संस्कृति रही है
चेन्नई सुपर किंग्स जैसी फ्रैंचाइजी की पहचान लंबे समय से स्थिरता और जीतने की संस्कृति से रही है. लगातार हार पॉइंट्स टेबल पर एक समस्या से कहीं ज़्यादा बड़ी बात है. ये आत्मविश्वास को भी कम करती हैं.
मैनेजमेंट को करना होगा ये काम
इसी पहलू पर जोर देते हुए अश्विन ने कहा कि इस मोड़ पर मैनेजमेंट को खिलाड़ियों का मनोबल बनाए रखने को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता देनी चाहिए. उनके विचार में इस युवा टीम से तुरंत जवाबदेही की मांग करना गलत होगा.