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Chhatrapati Shivaji Maharaj Jayanti 2026: क्यों आज भी प्रेरणा हैं छत्रपति शिवाजी महाराज? जानिए कुछ जीवन मंत्र जो बनाते हैं उन्हें प्रासंगिक

 Chhatrapati Shivaji Maharaj Jayanti 2026: छत्रपति शिवाजी महाराज कहा करते थे ‘विजय ताकतवर या तेज लोगों की नहीं होती, बल्कि उनकी होती है जिन्हें खुद पर विश्वास होता है.’ हर साल 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाई जाती है. यह दिन केवल एक महान योद्धा को याद करने का नहीं, बल्कि उनके जीवन से सीख लेने का अवसर भी है. 1630 में महाराष्ट्र के शिवनेरी किले में जन्मे शिवाजी महाराज ने आगे चलकर मराठा साम्राज्य की स्थापना की. उनका जीवन सिर्फ युद्ध जीतने की कहानी नहीं है, बल्कि आदर्श नेतृत्व, न्याय और मानवीय मूल्यों का उदाहरण है.आइए जानते हैं उनके जीवन से जुड़े 7 ऐसे सबक, जो आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं.

Last Updated: February 19, 2026 | 1:03 PM IST
Shivaji Maharaj Life Lessons - Photo Gallery
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छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन मंत्र

छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन साहस, न्याय और दूरदर्शिता की मिसाल है. उन्होंने दिखाया कि सच्चा नेता वही है जो अपनी जनता के लिए खड़ा हो, सही निर्णय ले और मूल्यों के साथ शासन करे.उनकी जयंती पर हमें केवल उन्हें याद नहीं करना चाहिए, बल्कि उनके जीवन मंत्रों को अपने जीवन में अपनाने का प्रयास भी करना चाहिए. यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी.

Courage in Adversity - Photo Gallery
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मुश्किल समय में साहस

शिवाजी महाराज ने अपने जीवन में कई बड़ी चुनौतियों का सामना किया. उन्होंने शक्तिशाली मुगल और आदिलशाही सेनाओं के खिलाफ डटकर मुकाबला किया. 1659 में प्रतापगढ़ के युद्ध में अफजल खान पर विजय उनकी बहादुरी और सूझबूझ का बड़ा उदाहरण है. इससे हमें सीख मिलती है कि कठिन परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए.

Strategic Vision and Warfare - Photo Gallery
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दूरदर्शिता और रणनीति

शिवाजी महाराज ने युद्ध की नई रणनीतियां अपनाईं. उन्होंने पहाड़ी इलाकों का फायदा उठाकर गुरिल्ला युद्ध पद्धति विकसित की. रायगढ़, प्रतापगढ़ और सिंधुदुर्ग जैसे किले उनकी सैन्य समझ को दर्शाते हैं. उनका जीवन बताता है कि सफलता के लिए केवल ताकत नहीं, बल्कि सही योजना भी जरूरी है.

Just and Ethical Leadership - Photo Gallery
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न्यायपूर्ण और ईमानदार नेतृत्व

वे केवल योद्धा नहीं, बल्कि जनता के हितों का ध्यान रखने वाले शासक थे. उन्होंने सैनिकों को उचित वेतन दिया और प्रशासन में पारदर्शिता रखी. वे सभी धर्मों का सम्मान करते थे और महिलाओं के प्रति विशेष संवेदनशील थे. उनका नेतृत्व विश्वास और न्याय पर आधारित था.

Respect for Women - Photo Gallery
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महिलाओं के प्रति सम्मान

उस समय जब महिलाओं को अक्सर नजरअंदाज किया जाता था, शिवाजी महाराज ने उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी. महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को कड़ी सजा दी जाती थी. हिर्कानी की कहानी इसका सुंदर उदाहरण है, जिसमें एक मां के साहस से प्रभावित होकर उन्होंने किले के एक बुर्ज का नाम 'हिर्कानी बुर्ज' रखा.

Self-Discipline and Growth - Photo Gallery
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अनुशासन और आत्म-विकास

शिवाजी महाराज स्वयं अनुशासित जीवन जीते थे. वे नियमित व्यायाम करते थे और ज्ञान प्राप्त करने पर जोर देते थे. उनका मानना था कि एक सच्चा नेता पहले खुद को मजबूत और सक्षम बनाता है.

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देशभक्ति और स्वराज का सपना

उनका सबसे बड़ा लक्ष्य था “स्वराज” यानी अपने लोगों के लिए स्वतंत्र शासन स्थापित करना. उन्होंने अपने राज्य और संस्कृति की रक्षा के लिए जीवन समर्पित कर दिया. उनकी देशभक्ति आज भी युवाओं को प्रेरित करती है.

Fearless Decision-Making - Photo Gallery
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साहसिक निर्णय लेने की क्षमता

1666 में आगरा से उनकी चतुराईपूर्ण निकलने की घटना उनकी बुद्धिमत्ता और निर्णय क्षमता का उदाहरण है. वे परिस्थितियों के अनुसार तेज और साहसिक फैसले लेने से नहीं डरते थे.

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